नारी
डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* नारी जग का सार है,नारी ही आधार। बिन नारी सब सून है,ममता काआगार॥ ममता का आगार,रहे वह सब पर भारी। पावन है हर रूपशक्ति स्वरूपा नारी॥ नारी हृदय विशाल है,ईश्वर का है रूप। देती सबको प्यार है,उसकी शक्तिअनूप॥ उसकी शक्तिअनूप,वह रखती है खुशहाल। उसके रूप अनंत,है हर इक रूप विशाल॥ … Read more