हरियाली तीज, रीत-प्रीत मनुहार

बाबूलाल शर्मासिकंदरा(राजस्थान)****************************************** हरियाली हर हार में, पावस की मनुहार।प्रीत मिलन उपहार है, झूलों का त्योहार॥झूलों का त्योहार, सखी सब संगत झूले।पिय हिय की विज्ञात, मोद मन ही मन फूले॥कहे ‘विज्ञ’ कविराय, बसे हिय में वनमाली।सखियाँ समझें और, बसे हरि मन हरियाली॥ सावन की शुभ तीज है, आए हैं भरतार।मन चाही मन की हुई, रीत प्रीत … Read more

आया सावन, बरसे मेघ

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मेघ, सावन और ईश्वर… आया सावन मास अब, हरियाली चहुँ ओर।बरसे रिमझिम मेघ हैं, खुश हो नाचे मोर॥खुश हो नाचे मोर, शोर अब दादुर करते।बरसे बादल खूब, ताल नदियाँ सब भरते॥हर-हर बोले भक्त, नीर कांवड़ भर लाया।करते शिव की भक्ति, मास सावन है आया॥ सावन में शिव की कृपा, पाएं सब … Read more

नाचे मोर-चकोर

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* पावस ऋतु संसार का, एकमात्र आधार।होता इससे सृष्टि में, जीवन का संचार॥जीवन का संचार, धरा की प्यास बुझाए।नाचे मोर चकोर, मेघ भी शोर मचाए॥घिर आए घन श्याम, लगे ज्यों घोर अमावस।हरियाली चहुँ ओर, सुहानी है ऋतु पावस॥ सावन की ऋतु आ गई, करते मेघा शोर।चमक रही है दामिनी, घन छाए चहुँ … Read more

नेट-चेट में लीन

डॉ.आशा आजाद ‘कृति’कोरबा (छत्तीसगढ़)**************************************** मोबाइल का दौर है, मनुज हुआ नित व्यस्त।नेट चेट में लीन है, तन से होता पस्त॥तन से होता पस्त, करे वह लापरवाही।पढ़ना नहीं किताब, करे वह नित कोताही॥व्यर्थ गँवाता वक्त, खोजता रहता फाइल।पुस्तक को बिसराय, आज का ये मोबाइल॥ शिक्षा के शुभ ध्येय को, भूले बालक आज।समय गँवाते नित दिखे, छोड़े … Read more

अवसर पकड़ो

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* जीवन में अवसर मिले, करें कर्म शुभ नेक।बार-बार आता नहीं, रखें नहीं अविवेक॥रखें नहीं अविवेक, समय की कीमत जानें।हित-अनहित को देख, भाव मन का पहचानें॥सार्थक मानव जन्म, पूत पावन हो तन-मन।अवसर निकल न जाय, मिला यह मानव जीवन॥ अवसर बीता जा रहा, नश्वर मानव देह।एक-एक पल कीमती, जगती रखें न स्नेह॥जगती … Read more

उल्लास

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मन में हो उल्लास तो, सुधरें सारे काज।होता जीवन भी सुखद, उज्ज्वल हो कल आज॥उज्ज्वल हो कल आज, दूर हो जाय निराशा।रहें सदा समभाव, दुःख में खोय न आशा॥कहे ‘नवल’ सुन भ्रात, रहे सब सुख जीवन में।जोश और उत्साह, भरे हर जन के मन में॥ सुख-दु:ख जीवन में रहे, कभी न … Read more

किया विरह का अंत

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* आया मनभावन वसन्त…. मौसम मदमाने लगा, शोभन लगे वसंत।मधुमासी परिवेश ने, किया विरह का अंत॥किया विरह का अंत, आज तो चंचल मन है।ख़ुद से ही है दूर, आज ख़ुद का ही तन है॥अमराई में कूक, फुर्र तो है अब सब ग़म।खिलने लगा पलाश, बहुत ही भाता मौसम॥ बहकी शीतल वायु है, … Read more

धारा

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* धारा के विपरीत जो, चलता मानुष वीर।पाता जीवन ध्येय को, कहलाता रणधीर॥कहलाता रणधीर, पीठ वह नहीं दिखाता।मिले सफलता शीघ्र, सभी के मन को भाता॥करो सदा पुरुषार्थ, बदलता जीवन सारा।चलते रहना ठीक, चले यह जीवन धारा॥ धारा उलटी बह रही, हुआ समय का फेर।रिश्ते सारे मिट गए, हुई सभ्यता ढेर॥हुई सभ्यता ढेर, … Read more

आई है सर्दी

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* सर्दी जोरों की पड़े, शीतल चले बयार।ओस धरा को नम करे, पचे सभी आहार॥पचे सभी आहार, समय ये सबको भाता।काँपे थर-थर गात, रक्त तन में जम जाता॥जलने लगे अलाव, गरम सब पहने वर्दी।रखिए अपना ध्यान, अभी आई है सर्दी॥ आई है ऋतु शीत की, लगे पवन शमशीर।काँपे अब दंतावली, चुभती जैसे … Read more

करना सही चुनाव

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* मिलकर करिए फैसला, करना है मतदान।चुनना प्रतिनिधि सत्य ही, इसे कसौटी जान॥इसे कसौटी जान, मान जनमत का रखना।करना जन कल्याण, ध्यान इस पर ही धरना॥सोच-समझ दें वोट, लोभ में कभी न पड़िए।करना सही चुनाव, फैसला मिलकर करिए॥ देना उसको वोट है, करता अच्छे काम।जनता की सेवा करें, पाए जग में नाम॥पाए … Read more