परिवर्तन
बाबूलाल शर्मासिकंदरा(राजस्थान)************************************************* रचना शिल्प:३२ वर्ण( ८८८८) प्रतिचरण चार चरण समतुकांत,आंतरिक समान्तता अपेक्षित,चरणांत लघु-लघु ११ हे श्याम वर्ण के घननर्मद सा हो ये मन,पत्थर शिव जीवनवसुधा पर सावन। सागर जैसा हो धनविहगों जैसा जीवन,यमुना-सी बंशी धुनगंगा-सा जल पावन। हे राधा तेरा नर्तनमेघों के जैसा गर्जन,हो युग परिवर्तनमाधव मन भावन। मीरा के पद गायनभारत माता के जन,पायलियों … Read more