इंतजार

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** इंतजार होता नहीं,दिल होता बेचैन। अब मैं सजनी क्या करूँ,दिन भी कटे न रैनll इंतजार करते थके,मन में लगी थी आस। फिर भी सन्देशा नहीं,जो दे आ के पासll मुश्किल कितनी है बड़ी,इंतजार की राह। पल-पल बीती याद में,लिए हृदय में चाहll साँसें भी थमती नहीं,इंतजार जब होय। … Read more

वंदे मातरम

अमल श्रीवास्तव  बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* वंदे मातरम,वंदे मातरम, वंदे मातरम प्यारे वतन। मेरा भारत आन है मेरी, इसको बारम्बार नमन॥ सदियों पहले देश हमारा, जगत गुरु कहलाता था। ज्ञान,भक्ति और कर्मयोग का, सारे जग का दाता था॥ पर कुछ गद्दारों के कारण, अपना मुल्क गुलाम हुआ। कई बार इनके ही कारण, भीषण कत्ले आम हुआ॥ आओ … Read more

हरियाली

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** पौधे एक लगाकर देखो,हरियाली छा जाएगी, महक उठेंगे बाग-बगीचे,पक्षी गाना गाएंगे। झूम उठेंगे पौधे सारे,नदियाँ भी लहरायेगी, चहक उठेंगे पक्षी सारे,अपनी प्यास बुझाएंगें। हरे-भरे पेड़ों की छाया,राही भी सुस्तायेंगे, खूब लगेंगें मीठे फल जब,बड़े मजे से खाएंगे। शुद्ध हवा जब आयेगी तो,दिल भी खुश हो जायेगा, रहें स्वस्थ बच्चे-बूढ़े … Read more

हिन्दी-महिमा

शकुन्तला बहादुर  कैलिफ़ोर्निया ********************************************************* भारत में जो रची बसी है, वह जनभाषा है हिन्दी। भारत माँ के माथे की है, वह प्यारी-सी बिन्दी॥ उत्तरदिशि केदारनाथ में, गूँज रही है ये हिन्दी। दक्षिण में रामेश्वरम तक, व्याप रही अपनी हिन्दी॥ पूर्व दिशा में जगन्नाथपुरी, में भी तो छाई हिन्दी। पश्चिम में है बसी द्वारिका, वहाँ भी … Read more

अंतर्मन की आवाज

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** पूछो तो अंतर्मन से अपने, जग में तुमने क्या गंवाया। हर जगह कहता फिरता, ये दुनिया बस मोह-माया। कह देना आसान बहुत है, मुश्किल जीवन में उतारना। गड़गड़ाना अलग बात है, और बादल का बरसना। झूठ ना बोले आत्मा कभी, चाहे चेहरे पे लगा ले नक़ाब। स्वार्थ में इतने … Read more

सावन

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* उमड़-घुमड़ जब आता सावन। हृदयतल प्यास जगाता सावन। गरजते बादल,चमकती बिजली, पिया बिन नहीं,लुभाता सावन। नाचे मोर,अरु पपीहा बोले, राग मल्हार सुनाता सावन। लहर-लहर लहराये लहरिया, सावन याद दिलाता सावन। बरसे जब ये घनघोर घटाएं, विरह अगन भड़काता सावन। सखियां झूले पिया संग झूला, मनवा हूक उठाता सावन। अब की … Read more

तुम्हारे हृदय से

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** अपना सुर तुमसे मिलाकर गीत बनाया शब्द सजाकर, गूंज उठे उपवन गुलशन होंठों पर इक लय गुनगुनाकर। अपना… सुगंध से महक गई बगिया फूलों पर आ गई तितलियां, लेने लगी वो भी अंगड़ाईयां दूर हुई सबकी तन्हाईयां। अपना सुर… जबसे तुम्हारा सहारा हुआ हर पल समझो हमारा हुआ, दिल के अंदर … Read more

स्मरण शिखर के संघर्ष का

जीवनदान चारण ‘अबोध’   पोकरण(राजस्थान)  ****************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. भूले नहीं हम दुर्गम,ऊँचे प्रखर,प्रस्तर,पाषाणों को, माह मई सन् निन्यानवे जिन पर खेला होली को। कारगिल केवल युद्ध नहीं,वीरों की अमर कहानी है, घाटी में लड़ा हर वीर सपूत,माँ भारत का सेनानी है। मिग-२७ संग नचिकेता,अमरीकी जेट जला गया, मातृभूमि की बलिवेदी पर,प्राणों को तिल-तिल चढ़ा … Read more

उलझन

डॉ.सोना सिंह  इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* कमीशन-नॉन कमीशन का अंतर सुलझता ही नहीं है, सिपाही और अफसर का अंतर बदलता ही नहीं हैl सोलह पन्ने पर करके हस्ताक्षर दोनों निकल पड़ते हैं, देश की राह पर भले ही हो सिपाही या अधिकारी, करना होती है दोनों को देश के प्रति वफादारी, लगाकर जान की बाजी। यु़द्ध हो … Read more

यादों के बंद लिफ़ाफ़े से…

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* यादों के बंद लिफ़ाफ़े से आज एक चिट्ठी यूँ हाथ लगी, सौंधी-सी खुशबू में लिपटी भीने से एहसास में जकड़ी, कोरे कागज पर अंकित इक-इक शब्द ऐसा, जैसे किसी धागे में पिरे मोती भावों और यादों का अनूठा संगम साथ लिए थी, यादों के बंद लिफ़ाफ़े…l इसकी इक झलक … Read more