शाम

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* दूर क्षितिज पे, लगे यूँ ऐसे ढलती शाम का ढलता सूरज है अधीर, धरती से मिलने। आसमां की छटा निराली, कुछ उजली कुछ काली-काली, चारों ओर धुँधलका छाया, अब है रात पसरने वाली। ढूंढ रहे हैं पँछी भी देखो, अपना अपना रैन-बसेरा। जड़-चेतन सब थके-थके से, शाम हुई आराम चाहिए, … Read more

सावन

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** सावन जो आये यहाँ, लेकर मधुर फुहार। जी भरकर भीजूँ सखी, गाऊँ मैं मल्हार॥ अब सावन आता नहीं, जो भीजूँ पिय संग। सूखा सावन देख के, उर में नहीं उमंग॥ सावन के घन आ यहाँ, जोहूँ तोरी बाट। बिन भीजे सूखी कलम, सूखे उर के पाट॥ सावन को देखा नहीं, … Read more

मिलती खुशियाँ नहीं ज़माने से

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** मिलतीं खुशियाँ नहीं ज़माने से, मांग लेता हूँ मैं वीराने से। बाप-माँ तो खुदा सरीखे हैं, बाज आओ इन्हें रुलाने से। आग छप्पर की हम बुझा देते, दिल की बुझती कहाँ बुझाने से। काश इनको छुपा लिया होता, ज़ख्म गहरे हुए दिखाने से। जब भी फुरसत की बात होती … Read more

समय कहाँं है

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** भूख मिटाऊँ समय कहाँं है। मंदिर जाऊँ समय कहाँं है॥ गीता पढ़ ली पाप हो गया, और कमाऊँ समय कहाँं है। सरपट भाग रहा है सत्य, उसे छुपाऊँ समय कहाँं है। असंख्य कहाँं हैं साँसें मेरी, व्यर्थ गवाऊँ समय कहाँ है। देशहित में जीवन समर्पित, रक्त बचाऊँ … Read more

नजर में फिर नजर नहीं आया

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** नजर में फिर नजर नहीं आया नजर लगाने वाला, आख़िर पकड़ा गया वो दरिंदा शहर जलाने वाला। खुद को खुदा मानकर बिना खौफ के जीने वाला, मर गया एक दिन फिर खुद को खुदा बताने वाला। भरोसा उसका भी टूटा,जो कभी भरोसे की मिसालें देता था, नींद से जाग ही … Read more

सीताराम येचुरी को पत्र

निर्मलकुमार पाटोदी इन्दौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** सेवा में मा.सीताराम जी येचुरी, महासचिव, भारतीय मार्क्सवादी पार्टी, नई दिल्ली। विषय:हिंदी भाषा को अनिवार्य करने के विषय में आपका बयान। संदर्भ:२६ जून २०१९ के नवभारत टाइम्स का समाचार। आपके वक्तव्य में है कि-“स्नातक पाठ्यक्रमों में हिंदी को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने की यूजीसी की कोशिश अन्य भाषाई … Read more

प्यार का नशा

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** प्यार का नशा, यार के दीदार का नशा। नशा,नशा नहीं, मजा जिंदगी का।। कहीं दौलत का है गुरुर नशा, कहीं शोहरत का सुरूर नशा। हुस्न की हस्ती का नशा, इश्क की मस्ती का नशा। नशा,नशा है जिंदगी का, प्यार की बन्दगी का।। किसी को दानिश इल्म का नशा, किसी … Read more

झांसी की रानी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** वीर बाला देश भक्ति का अवतार, रानी लक्ष्मीबाई है उसका नाम। माता-पिता,कुटुम्ब-कबीला धन्य हुआ, धन्य हुई भारत माता महान। बचपन के खेल रानी थे निराले, बरछी भाला तीर कमान तलवार। घुड़सवारी रानी का वाहन, वीरांगना की है जीवंत मिसाल। फिर॔गियों के छक्के छूटे, पीठ पर बंधा लाल। रणक्षेत्र में रणचंडी का … Read more

अपना समय भी आएगा

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** हरदम पतझर नहीं रहेगा, अली कली को खिलाएगा। कहे ‘उमेश’ धैर्य रखो तुम, अपना समय भी आएगा। दुख के बादल अब छँट जायेंगे, नभ-बीच शशि मुस्कुराएगा। कहे उमेश तुम हिम्मत ना हारो, अपना समय भी आएगा। शनैः-शनैः रैना जाएगी, उजाला सुनहरा आएगा। कहे उमेश प्रयास करो तुम, अपना समय भी … Read more

उपकार

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** भला सभी का कर चलो,और करो उपकार। दीन-हीन को दान दो,स्वच्छ रखो व्यवहार॥ उपकारी बन साथ में,करना ऐसा काम। दु:ख में खुशियाँ दे चलो,अमर रहेगा नाम॥ भलमानुष दाता बनो,हरो सकल सन्ताप। दीन-दुखी परिवार को,होय न पश्चाताप॥ उपकारी मानव बनो,करो सदा उपकार। परहित में सुख बाँटिये,लो अपनों-सा प्यार॥ नदिया … Read more