आषाढ़ के बादल
राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** लेकर हल काँधे पर निकल गए भूमिपुत्र सारे, खुशियों को बांटने चले आये आषाढ़ के बादल। माटी की सौंधी-सौंधी महक से झूम उठे खेत, भूमिपुत्रों को मनाने आ गए आषाढ़ के बादल। ये इंद्रधनुषी सपनों को उम्मीदों के पंख लगाने, फिर उमड़-घुमड़ कर आ गए आषाढ़ के बादल। कूप बावड़ी ताल … Read more