आज हम ना संभले तो..
ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** जीवन को थोड़ा मथ ले, जितना प्यारा बचपन बीता उतना भविष्य भी हाथ ले। हम रहें या ना रहें, नाम हमारा रहेगा इस जग में क्या कर गये, यहां काम तुम्हारा रहेगा। बचा लो अपना वतन, बिक रहा जो घोटाले में। खुद मिटा रहा मानव, अपनी ही है संस्कृति। पानी के … Read more