आओ हम संवाद करें

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** आओ बैठो पास हमारे, कुछ बात करें…। कुछ जमाने की हो, कुछ अपनी… कुछ कहनी भी हो कुछ सुननी… पर चुप ना रहें,संवाद करें… आओ हम कुछ बात करें। यदि हो समय विपरीत, तो भी हम प्रतिघात करें चारों और बिखरी उदासी हो… या टूटे हों सारे ख्वाब तुम्हारे… किंतु…आओ … Read more

मानसून मत कर अत्याचार

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** मानसून अब आ गिरो,मत कर अत्याचार। धरती देखो है फटी,कृपा करो इस बारll व्याकुल होते लोग हैं,जीव जन्तु बेहाल। गर्मी इतनी तेज है,धीमी सबकी चालll इन्द्रदेव नाराज क्यों,आओ बरसो आज। करते हैं आराधना,विनय सुनो महाराजll देख गरीब किसान हैं,करें प्रतीक्षा लोग। मानसून अब तो सुनो,हो जाये संजोगll नदी … Read more

वट पूजा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* वट सावित्री पूज कर,जो रखती उपवास। धन्य धन्य है भारती,प्राकत नारी आसll ढूँढे पूजन के लिए,बरगद दुर्लभ पेड़। पथ भी दुर्गम हो रहे,हुई कँटीली मेड़ll पेड़ सभी हैं काम के,रखना इनका ध्यान। दीर्घ आयु होता सखे,वट का पेड़ महानll पुत्र सरीखे पालिए,सादर तात समान। फूल छाँव फल दे यही,ईंधन काष्ठ प्रमानll … Read more

उन्हें मेरा ख्याल आता तो होगा

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* उन्हें मेरा ख्याल आता तो होगाl मेरे ग़म पर मलाल आता तो होगाl गहे उनके मुकाबले इत्तफाकन, कोई मेरा सवाल आता तो होगा। कमाले जिंदगी उनको है हासिल, कभी उन पर जवाल आता तो होगा। गहे सुनकर मेरी पा मालियों को, मोहब्बत में उबाल आता तो होगा। कभी उस बेवफा … Read more

स्वप्न फिर दिखाया

मनोज जैन ‘मधुर’ शिवपुरी (मध्यप्रदेश) ************************************************************** फतह,किया राजा ने एक किला और। दिग्विजयी होने का भाव छटपटाया। प्रतिरोधी आँधी को राव ने दबाया। अब भी है समय, हमें मानो सिरमौर। रणभेरी बजी खूब, देखकर सुभीता। कुटिल चाल चली, युद्ध राजा ने जीता। परजा ने, फिर ढूँढा एक नया ठौर। क्षत्रप सब राजा के संग साथ … Read more

नजर

निशा गुप्ता  देहरादून (उत्तराखंड) ************************************************************* नजर से मिली नजर मुलाकात हो गई, आये ख्याल दिल में शब्बे बारात हो गई। आये वो पास मेरे,धड़कन बेहिसाब हो गई, नजर झुकी रही,दीदार-ए-याद हो गई। चमकता है चाँद अपनी चांदनी के साथ, हम बिछड़े क्यों और कैसे ये मुलाकात हो गई। आये हो आज तुम महफ़िल में गर … Read more

जीवनसाथी

पुष्पा अवस्थी ‘स्वाति’  मुंम्बई(महाराष्ट्र) *********************************************** संध्या जो आए मन घबराए, जीवनसाथी तुम बिन हाय। लागे न तुम बिन सांझ सुहानी, झुकती घटाएं रुत मस्तानी। मन की जलन को और बढ़ाए, जीवनसाथी तुम बिन हाय॥ बीत गए जाने कितने पल, आँखों से बरसे बनके जल। फिर भी प्यास बुझा ना पाए, जीवनसाथी तुम बिन हाय॥ रात … Read more

लो चाँद निकल आया

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’  इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************************** हर सिम्त मुसर्रत है रौनक़ है फ़िज़ाओं में, लो चाँद निकल आया यादों की घटाओं में। दीदार करूँ तेरा,तू सामने अब आजा, बीता है माहे रमज़ा,हर वक़्त दुआओं में। आ ईद मना लें अब,मिल जाएं गले जानम, दस्तूर निभाएं हम ये इश्क़ के गाँव में। मैं सजदा करूँ … Read more

भारत देश महान है

प्रियांशु तिवारी ‘वात्सल्य’ लखनऊ( उत्तरप्रदेश) **************************************************************************** लोकतंत्र की परिभाषा का अच्छा-खासा नाम है, जनतंत्र की हर भाषा का भारत में सम्मान है दुनिया कहती है ऐसा भारत देश महान है…। सारी दुनिया मान चुकी संस्कृति की यह खान है, जन्म लिए जहाँ नटखट कृष्णा,पूजनीय जहाँ राम है… शील,स्नेह,सत्य,प्रेम का प्रसारित जहाँ से ज्ञान है, दुनिया … Read more

आशिक जमाना कह रहा है….

पारस गुप्ता  ‘शायर दिल से’  चन्दौसी(उत्तर प्रदेश) ********************************************************* दिल्लगी के,दौर में अब,कौन नफरत,कर रहा है… इश्क़ पढ़कर,इश्क़ लिखकर,इश्क़ में जी,मर रहा है… लुट रहा वो,मिट रहा इक,बेवफा के,प्यार में क्यूँ… आजकल पागल को आशिक ये ज़माना कह रहा है…। परिचय-पारस वार्ष्णेय का साहित्यिक उपनाम-पारस गुप्ता ‘शायर दिल से’ है। १९९४ में ६ दिसम्बर को चन्दौसी … Read more