करनी पड़ेगी चिंता
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** ‘विश्व पृथ्वी दिवस (२२ अप्रैल)’ विशेष… ‘पृथ्वी’,अनमोल तत्वकरनी पड़ेगी चिंता,वरना संकटजीवन। ‘पृथ्वी’,बचाना हैजल, जंगल, जमीन,जीवन कीमतीसमझो। ‘पृथ्वी’,तत्व घटेंगेजीव-जंतु तड़पेंगें,साँस छूटेगीमौत। ‘पृथ्वी’,जागरूकता जरूरी‘विश्व पृथ्वी दिवस’,पिघलती बर्फजागो। ‘पृथ्वी’,संकट गहराया‘ओजोन’ परत छेद,भयंकर तूफान,‘सुनामी।’ ‘पृथ्वी’,प्रकृति कीमतीसमस्या हुई विकराल,मनुष्य जिम्मेदारभविष्य। ‘पृथ्वी’,दर्जा ‘माँ’करते रोज प्रदूषित,जलवायु संकटअस्तित्व। ‘पृथ्वी’,सुन्दर जीवनआकाश-जल-अग्नि,दुरूपयोग क्यों ?चिंतन। ‘पृथ्वी’,मिटेगा पानीबस जीवन ‘कहानी’,विलुप्त हवायमराज। ‘पृथ्वी’,स्वार्थ छोड़ोसहज-सरल … Read more