तुम चंदन हो… मैं तुम्हारी सुगंध हूँ
आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )************************************************* तुम चंदन हो,शिव के तृपुण्ड की शोभा होतो मैं उस भोले की भक्ति हूँ,जिसमें तुम हर पल समाए हो। तुम लकड़ी का चंदन हो,मस्तक का सुंदर मुकुट होतो मैं उस माथे की आस्था हूँ,जिस पर तुम्हारा पावन तिलक हो। तुम चंदन हो,रघुनंदन के मस्तक का तिलक होतो मैं मर्यादा … Read more