नासूर होते हैं भ्रष्टाचारी
डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जो व्यक्ति जिस कार्य में निपुण होते हैं, उन्हें ही सुयोग्य अवसर देना चाहिए। वैसे हमारे देश में अनुभवी व्यक्ति का महत्व होता हैं, पर पढ़े-लिखे लोग कोई जरुरी नहीं हैं वे योग्य हों। वर्तमान काल में भ्र्ष्टाचार बहुत पुरातनपंथी शब्द हो गया है। आजकल यह शिष्टाचार माना गया गया और रूपया अब … Read more