अंकों से परे प्रतिभा को भी आँकिए
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** आजकल जिंदगी की लड़ाई और पेशेवर बनने-बनाने की होड़ ऎसी चल पड़ी है कि, हर जगह आगे ही रहने या होने का मतलब बना दिया गया है। यूँ कहें कि १०० में से १०० या ९९ अंक (प्रतिशत) की ही इज्जत और आपका सम्मान है, बाकी ६०-७० वाले को तो अजीब-सी नजर … Read more