भाषा के बदलते रूप
शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* भाषा के बदलते रूप कई हैं-मसलन् राजनीतिक विचार में भाषा के अपने शब्द-अर्थ हैं, सामाजिक विचारों में उससे भिन्न शब्दार्थ होते हैं। अर्थ, धर्म व दार्शनिक चिंतन में विचारों के अपने सुगठित भाषायी शब्दार्थ हैं। यानि जिसका जैसा कार्य क्षेत्र, वैसे विचारधारा से जुड़े भाषाजनित शब्दार्थ मौजूद हैं। पाठक व आलोचक … Read more