होली:जोश में होश न खोएं

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** त्यौहार मनाना जरुरी है और वह भी उत्साह से। वैसे मंहगाई और आधुनिकता के कारण त्यौहार एक प्रकार की औपचारिकता बनती जा रही है, पर त्योहारों की वैज्ञानिकता बहुत अनूठी होती है। दीवाली के दौरान घर की साफ-सफाई के साथ बरसात के दौरान घरों और वातावरण में जो कुछ भी अशुद्धि होती है, … Read more

परम्परा और संस्कृति का रंग खेलें

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** जीवन और रंग… जीवन में रंग का होना बहुत जरूरी है। रंग खुशी और आनंद का प्रतीक है, जो हर एक मनुष्य अपने जीवन में उतारना चाहता है। खुशियाँ किसी भी रूप में आए, उसे अपने हाथ-जीवन से जाने नहीं देना चाहिए। छोटी से छोटी खुशियों को बटोरने का आनंद कुछ … Read more

जीवन रंग कवियों के संग

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* जीवन और रंग… रंगों से जीवन आकर्षक दिखाई देता है। जीवन में कोई रंग हल्का है, कोई रंग चटकीला। कोई मध्यम रंग है, कोई रंगहीन श्वेत या कृष्ण रंग। यानि मानव जीवन प्रत्येक रंग से सुसज्जित है अपना-अपना सुख-दु:ख लिए। जीवन है तो संघर्ष रंग भी होगा ही। जीवन संघर्षों से … Read more

प्राकृतिक छटा

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फिजी यात्रा:विश्व हिंदी सम्मेलन.. भाग-१० होटल शेरेटन एकदम समुद्र किनारे बना हुआ है। फिजी देश का सबसे श्रेष्ठ उत्तम होटल माना जाता है। पाँच सितारा सुविधाएं अपनी जगह हैं, लेकिन वहां का प्राकृतिक सौष्ठव देखते ही बनता था। हमारे कक्ष की बड़ी खिड़कियाँ खोलते ही सामने समुद्र तट होता था। सबसे अच्छी बात यह थी … Read more

सर्वत्र अनैतिकता, राष्ट्रीय चरित्र कैसे बने ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** किसी वकील, चिकित्सक या राजनेता को ढूंढना कठिन नहीं, जो अपने विषय के विशेषज्ञ हों और ख्याति प्राप्त हों, पर ऐसे मनुष्य को खोज पाना कठिन है जो वकील या राजनेता से पहले मनुष्य हो, नैतिक हो, ईमानदार हो, विश्वस्त हो, पर राष्ट्र केवल व्यवस्था से ही नहीं जी सकता। उसका सिद्धांत पक्ष … Read more

हमारा भी एक सत्र

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फिजी यात्रा:विश्व हिंदी सम्मेलन.. भाग-९ ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ में फिजी जाने का सौभाग्य वक्ता के रूप में मिला, यह मेरे जैसे बालक के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय रहा। मुझ जिस सत्र में सहभागिता करना थी, उसकी अध्यक्षता अरुण भगत जी ने की (जो वर्धा विश्वविद्यालय में पत्रकारिता के विभागाध्यक्ष रहे और वर्तमान में बिहार … Read more

आआपा:भाजपा का बड़ा सिरदर्द

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* दिल्ली राज्य के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के शराब-विक्रेताओं से लगभग १०० करोड़ रु. खाए हैं। भ्रष्टाचार के आरोप में आप पार्टी के वित्तमंत्री सत्येन्द्र जैन पिछले कई महीनों से जेल काट रहे हैं। सिसोदिया पर भ्रष्टाचार के आरोप की … Read more

विमोचन का एक मंच था

फिजी यात्रा:विश्व हिंदी सम्मेलन… भाग-८ १२वें ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ में भारत से गए साहित्यकारों में अपनी पुस्तकों का विमोचन कराने का भी उत्साह देखने लायक था। पृथक से जहां मीडिया कक्ष की व्यवस्था थी, वहीं पुस्तकों के विमोचन का एक मंच बना हुआ था। मुझे भी २ सत्रों में अलग-अलग समय पर अनेक साहित्यकारों की … Read more

परंपराओं का आग्रह भी और सम्मान भी

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फिजी यात्रा:विश्व हिंदी सम्मेलन… भाग-७ ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ के उद्घाटन, समापन और अलंकरण सत्रों में फिजी और भारत के वरिष्ठ राजनेता उपस्थित रहे। फिजी के राष्ट्रपति ऊपर कोट पर टाई पहने नीचे घुटनों तक एक वस्त्र पहने थे, जैसा बेटियां स्कर्ट के रूप में पहनती हैं। सबसे अधिक प्रभावित करने वाली बात यह रही कि, … Read more

रक्त की कीमत

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)************************************** जुम्मन मियां की गिनती शहर के बड़े रईसों में होती थी। बड़ा कारोबार है उनका। समाज में अच्छा नाम है, रूतबा है, पर उनकी एक ही कमी थी कि वो अपनी कौम से ज्यादा प्यार करते थे, अन्य समुदायों को वह नीचा समझते थे। किसी से भी वह उचित व्यवहार … Read more