जल ही जीवन,महत्व समझिए

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** शुद्ध जल अमृत के समान है। हम सबके जीवित रहने के लिए जल बहुत ही आवश्यक है। यही वजह है कि आयुर्वेद में जल या पानी को पंच महाभूतों में से एक माना गया है। साफ़ पानी पीने से ही शरीर की कई समस्याएँ ठीक हो जाती हैं।आयुर्वेद में जल के अनेक गुणों … Read more

आत्मा के परमात्मा से मिलन का भक्ति पर्व ‘महारास’

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** शरद पूर्णिमा विशेष… भगवान कृष्ण के महारास को समझने के लिए विवेक पूर्ण विवेचन की अत्यंत आवश्यकता है। ‘रास’ शब्द संस्कृत के ‘रस’ से उत्तपन्न हुआ है, जिसका शाब्दिक अर्थ है-निचोड़,तत्व-अर्क,आनन्द। काव्य में जो आनन्द आता है,वह ही काव्य का रस है। काव्य में आने वाला आनन्द अर्थात् रस सामान्यतः लौकिक ही … Read more

भारत की तरफ से ठोस पहल हो

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ने अलग-अलग मौकों पर अफगानिस्तान के बारे में जो भी कहा है,वह शत-प्रतिशत सही है लेकिन आश्चर्य है कि भारत की तरफ से कोई ठोस पहल क्यों नहीं है ? २० प्रमुख देशों के जी-२० सम्मेलन में दिया गया नरेंद्र मोदी का भाषण अफगानिस्तान की … Read more

आओ,अमृत पान करें

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ****************************************************** शरद पूर्णिमा विशेष…. ‘चंदा से झरता अमिय,देता जो उल्लास।किरणें सुख को बाँटती,जीने का अहसास॥’शरद पूर्णिमा,जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं;हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को कहते हैं। ज्‍योतिष के अनुसार-पूरे साल में केवल इसी दिन चन्द्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा … Read more

ईश्वर संग हमारी आस्था,यही सत्यता

सतीश ‘बब्बा’चित्रकूट(उत्तरप्रदेश)************************************************* ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. ‘ई’ और ‘स्वर’ से बना यह ईश्वर शब्द, भारतीय जनमानस की आस्था का केंद्र है। बहुत पहले से ईश्वर और हमारी आस्था पर बहस,शोध होते रहे हैं।ईश्वर कहाँ है,ईश्वर क्या है,ईश्वर कैसा है ?,आज तक मात्र कल्पनाओं का पुलिंदा है,किसी ने ईश्वर को देखा नहीं है! ईश्वर … Read more

भौतिकवाद युग में ईश्वर व आस्था का तोल-मोल

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. हे भगवान! हे भगवान! कैसी है तेरी शान,तूने सूरज-चाँद सजाए,धरती और आकाश बनाए।मनुष्य-मनोवृत्ति की गंध में ईश्वर का मानवीय साक्षात् दर्शन करने या ईश्वर की बनाई सृष्टि के रहस्यों को खोजने की प्रथम उत्सुकता व जिज्ञासा सदैव से रही है। ब्रह्मांड व सृष्टि का रचयिता … Read more

आराध्य ने ही बचाया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. जब मैं छोटा ही था,तब मेरी माताश्री ने सबसे पहले प्रभु श्री गणेशजी का पूजन करा ईश्वर के प्रति आस्था के बारे में समझाया ही नहीं,बल्कि ‘जय गणेश जय गणेश…’ वाली पंक्तियां याद करवा दीं। उसके बाद उन्होंने मुझे हनुमान चालीसा याद करवाया। इस प्रकार … Read more

उच्च तकनीक के युग में भी दशहरे का महत्व कायम

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ************************************** दशहरे के साथ अनेक परंपरागत विश्वास भी जुड़े हुए हैं। इस दिन राजा का दर्शन शुभ माना जाता है। इस दिन लोग ‘नीलकंठ’ के दर्शन करते हैं। गाँवों में इस दिन लोग जौ के अंकुर तोड़कर अपनी पगड़ी में खोंसते हैं। उत्तर भारत में दस दिन तक श्रीराम की लीलाओं … Read more

विजयादशमी पर्व की सीख

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** दशहरा विशेष…. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर वर्ष दशहरा या विजयादशमी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह तो सभी जानते हैं कि यह पर्व श्री राम द्वारा रावण को मारने की स्मृति में मनाया जाता है, परन्तु सूक्ष्म स्तर में हमें क्या करना है ? इससे … Read more

आय हो करमुक्त और खर्च करयुक्त !

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* काला धन छिपाने और कर चोरी करने के कई तरीके हैं लेकिन जब अरबों-खरबों आ जाएं तो आप कुछ ऐसे तरीके अपनाते हैं कि आप सरकार की पकड़ के बिल्कुल बाहर हो जाएं। इनमें आजकल सबसे ज्यादा पसंदीदा तरीका यह है कि आप अपना सारा पैसा कुछ ऐसे छोटे-मोटे देशों जैसे पनामा,बरमूदा,लग्जमबर्ग … Read more