मनोकामना का अनुष्ठान है माँ की आराधना

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** नवरात्र विशेष…. सर्व मंगल मांगल्ये,शिव सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।प्रत्येक संवत्सर (साल) में ४ नवरात्र होते हैं, जिनमें विद्वानों एवं ज्योतिषाचार्यों ने वर्ष में २ बार नवरात्रों में माँ की आराधना का विधान बनाया है। विक्रम संवत के पहले दिन अर्थात चैत्र मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) से … Read more

समय खराब नहीं…सीख लेनी होगी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** समय खराब होता है या नहीं,इस बारे में सबकी अलग-अलग सोच हो सकती है। कोई परिस्थितियाँ अनुकूल न होने पर समय खराब है,कहकर हिम्मत हार कर बैठ जाता है तो कोई उन समस्याओं में से ही समाधान ढूँढ लेता है। सामान्य व्यक्ति तनाव और आतंक के दौर को बुरा समय घोषित करता … Read more

उजालों का स्वागत करें

ललित गर्गदिल्ली ************************************** विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस १० अक्टूम्बर विशेष…. देश एवं दुनिया में मानसिक बीमारियां बढ़ रही है, तनाव एवं असंतुलन के कारण अनेक विकृतियां एवं मनोरोग पनप रहे हैं,मानसिक अस्वास्थ्य वर्तमान युग की ज्वलंत समस्या है,उस पर नियंत्रण पाने के लिए विविध प्रयोग हो रहे हैं। इन्हीं प्रयोगों में एक सकारात्मक उपक्रम है,विश्व … Read more

उन्नति के लिए साधना अनिवार्य

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** नवरात्र विशेष….. व्यक्तिगत जीवन में सुख,शांति,समृद्धि और समाज तथा राष्ट्र की उन्नति के लिए साधना की अनिवार्य आवश्यकता है। सनातन धर्मावलंबी आत्म रक्षा व राष्ट्र रक्षा के लिए नित्य गायत्री महामंत्र,महामृत्युंजय मंत्र,भगवान चित्रगुप्त मंत्र और गुरु प्रदत्त मंत्र या अपने इष्टदेव के मंत्र का नियमित जाप करें एवं शक्तिवान बनें।अपने समाज में … Read more

एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** २०१३ की घटना है,मैं नगर निगम के पार्षद का चुनाव लड़ी और दूसरी बार पार्षद बनी। एक सामाजिक संगठन की भी सचिव थी तो मैं और संगठन के अध्यक्ष शहर में अवैध कट्टी घर पर लगातार बोल रहे थे। मैं निगम में कट्टी घर पर लड़ाई लड़ रही थी। उसी प्रकरण में … Read more

आर्यन जैसे अमीरजादों की जिंदगी की ‘प्रेरणा’ ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** बाॅलीवुड के ‘बादशाह’ कहे जाने वाले फिल्म अभिनेता-व्यवसायी शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को जिस तरह मुंबई की अदालत ने नशा (ड्रग्स) लेने और रखने के आरोप में हिरासत में भेजा है,उसकी पूरी हकीकत तो विवेचना के बाद सामने आएगी, लेकिन इस प्रकरण ने इतना जरूर साफ कर ‍दिया है कि … Read more

विदेश नीति पर नए सुझाव

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* दिल्ली के ‘सेंटर फार पालिसी रिसर्च’ ने अभी एक महत्वपूर्ण शोध-पत्र प्रकाशित किया है,जो वर्तमान भारतीय सरकार के लिए उत्तम दिशाबोधक हो सकता है। यह केंद्र मौलिक शोध और निर्भीक विश्लेषण के लिए जाना जाता है। इसने अभी जो शोध-पत्र प्रकाशित किया है,उसके रचनाकारों में भारत के अत्यंत अनुभवी कूटनीतिज्ञ,सैन्य अधिकारी और … Read more

नारी का समाज में स्थान-दशा व दिशा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) **************************************** नारी का हमारे समाज में सबसे महत्वपूर्ण स्थान है,क्योंकि उसके बिना कोई भी पुरुष पूर्ण नहीं है। पुरुष का जन्म भी नारी से ही संभव है। भारतीय संस्कृति के परिपेक्ष्य में नारियों की स्थिति को समझते हुए समस्त मातृशक्ति का नमन-वंदन करने का हमारा नैतिक दायित्व कहीं और प्रगाढ़ हो … Read more

औलादों पर कितना गुमान!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हम जितने विकसित हुए,उतने हृदयहीन भी गए। पति-पत्नी,माँ-बाप बनने के पहले और शादी के बाद यदि संतान नहीं होती तब पारिवारिक सामाजिक उलाहना झेलते हैं। उसके बाद चिकित्सक,यहाँ-वहाँ देवी-देवताओं के चक्कर और फिर पूजा-पाठ करते हैं। उस समय यह महत्वपूर्ण नहीं होता कि लड़की हुई या लड़का। उनके लालन- पालन में वे अपना … Read more

हिंदी का होना,हिंदी का रोना,हिंदी का ढोना

राहुल देवदिल्ली**************************** भारत के केंद्रीय सरकारी विभागों,कार्यालयों, बैंकों,विश्वविद्यालयों में सितंबर एक खास सितम का महीना है। एक संवैधानिक कर्तव्य निभाने की कठिन मजबूरी का महीना है। इस कठिन काल में जय-हिंदी का जाप संवैधानिक मजबूरी का ताप शांत करता है। हिंदी का होना या हिंदी का रोना या हिंदी का ढोना,भीतरी भाव कुछ भी हो,अनुष्ठान … Read more