साईकल के दो पहिए…तो बहुत ही ज्यादा सुखी रहोगे

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मेरे पिता जी की साईकल स्पर्धा विशेष….. मैं उस समय की बात कर रहा हूँ,जब शहर में आवागमन के लिए साईकल का प्रचलन था। दुपहिया वाहन भी इक्के दुक्के ही थे,जबकि चार पहिया वाहन तो ना के बराबर थे। उस समय समाज में आपसी प्रेम-भाईचारा खूब था और ईमानदारी व सादगी … Read more

दुनिया का सबसे ‘अमीर’ व्यक्ति

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ मेरे पिता जी की साईकल स्पर्धा विशेष….. ‘सोना….सोना..सुन,देख क्या वो ‘भंगार’ वाला आया है ?’ सीमा ने अपनी बेटी को आवाज लगाते हुए बोला।‘क्या…मम्मी ? अभी तो बेचा था आपने,अब क्या देना ?’‘अरे! यह पुरानी ‘साइकिल’ जगह घेर रही है! कब से…!‘पर मम्मी यह तो ‘दादा जी’ की है। ‘दादी’ ने … Read more

कर्मपथ की साथी साईकिल

डॉ.अर्चना मिश्रा शुक्लाकानपुर (उत्तरप्रदेश)*************************************** मेरे पिता जी की साईकल स्पर्धा विशेष….. लोमश ऋषि की पदधूल में रचा-बसा गाँव लोमर जिला बाँदा उत्तर प्रदेश मेरी जन्मस्थली है, लेकिन मेरी बचपन की यादों की शुरुआत फतेहपुर जिला के बिन्दकी तहसील के महाजनी गली मोहल्ले के प्रसिद्ध मन्दिर के सामने बसा मेरा घर,चबूतरा और अच्छा-खासा मैदान जहां बाबू … Read more

आपदा में नहीं,मानवता में अवसर तलाशें

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** आज पूरा विश्व ‘कोरोना’ महामारी से त्रस्त है।महामारी में जहाँ लोग एक-दूसरे की मदद करते हुए दिखाई दे रहे हैं,वही कुछ लोग इसमें भी अवसर तलाश रहे हैं। कहने का आशय यह है कि महामारी में कुछ लोगों में मानवता मर-सी गर्ई है। इस महामारी के समय कालाबाजारी,जमाखोरी व मुनाफाखोरी चरम पर है। … Read more

बात करें सरकार और किसान

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* किसान आंदोलन को चलते-चलते ६ महीने पूरे हो गए हैं। ऐसा लगता था कि शाहीन बाग आंदोलन की तरह यह भी ‘कोरोना’ के रेले में बह जाएगा लेकिन पंजाब,हरियाणा और पश्चिम उत्तरप्रदेश के किसानों का हौंसला है कि अब तक वे अपनी टेक पर टिके हुए हैं। उन्होंने आंदोलन के ६ महीने … Read more

बदलता समय और दिनचर्या

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************** ‘कोरोना’ महामारी का कहर चीन के काले कारनामों से फलित हो धीरे-धीरे समस्त विश्व को अपने आगोश में करीब डेढ़ बर्ष से समेटे आ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। कोरोना का धीरे-धीरे पर फैलाना भारत के बड़े शहरों में शुरू हो गया था। भारत सरकार ने … Read more

अलविदा

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** सूनी-सूनी आँखें,जर्जर काया,एक छोटा-सा आश्रम जहां उनको जिन्दगी की आखिरी साँस लेनी है। ये उनकी भाग्य रेखा है। कादम्बिनी को अभी १० दिन पहले ही इस आश्रम की देखभाल के लिए नियुक्त किया है। कादम्बिनी भी एक मजबूर और बेसहारा युवती है। पति उसे छोड़कर एक धनवान का घर जंवाई बन गया।उसने … Read more

‘कोरोना’ से लड़ना है तो ऑनलाइन चलना है…

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) *************************************** ‘कोरोना’ ने लोगों को बता दिया है कि कोरोना से लड़ना है तो ऑनलाइन चलना है। बगैर ऑनलाइन चले कोरोना से दो-दो हाथ नहीं किए जा सकते। सामान खरीदना है,तो ऑनलाइन खरीदो। कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से भी लड़ना है तोऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह पर निर्भर रहना होगा,क्योंकि सरकारी अस्पताल सहित … Read more

ब्रह्माण्ड के प्रथम विवेकशील यशस्वी पत्रकार देवर्षि नारद

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** जयंती… हम जब भी वीणा की धुन के साथ ‘नारायण- नारायण’ सुनते हैं तब अनायास ही श्रीहरि प्रभु विष्णु के अनन्य भक्त,सृष्टि के प्रथम यशस्वी पत्रकार,संगीतकारों के अग्रदूत,वैदिक ऋषि,सदैव भ्रमणशील होने का वरदान प्राप्त,ब्रह्मा जी के मानस पुत्र देव ऋषि नारद जी की याद दिमाग में आए बिना नहीं रहती। इसका … Read more

‘अत्त दीपो भवः’

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** गौतम बुद्ध देव आज भी प्रासंगिक है। गौतम बुद्ध देव को ‘लाइट ऑफ एशिया’ के नाम से पुकारने का सबसे महत्वपूर्ण कारण है उनके विचार,उनकी शिक्षाएं। वे दु:ख का कारण एवं निवारण बताते हैं। गृहस्थों के लिए जीवन जीने की पद्धति बताते हैं,जिसे ‘पंचशील’ कहा जाता है। वे दुनिया के पहले ऐसे … Read more