गुरु-शिष्य की अनवरत प्रक्रिया

निशा गुप्ता देहरादून (उत्तराखंड) ********************************************************* “गुरु तो हमेशा ही हर युग में पूज्य रहे हैं, इसमें कोई अपवाद नही है। वो ही पथ प्रदर्शक बन कर समाज का निर्माण करते हैं।”गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वराय हो या गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागूं पाँय,हर युग में गुरु पूजनीय रहे हैं।अक्षर ज्ञान और जीवन में जीविकोपार्जन का रास्ता … Read more

वसीयत:पत्र बेटी के नाम

कविता जयेश पनोतठाणे(महाराष्ट्र)********************************************************** मेरी प्यारी बेटी,इस छोटे से पत्र में आज अपनी जिन्दगी भर की धरोहर लिख रही हूँ। इसमें वो कानूनी कागजों का तमाम खुलासा नहीं,लेकिन मेरे जीवन के चलचित्रों का वर्णन है।जो सिर्फ और सिर्फ मेरी धरोहर है,जिसे मैंने अपने कलेजे में पाला है,अपनी पलकों तले आँखों का काजल बना सजा के रखा,अपनी … Read more

हिरण पर क्यों लादें घास ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************** आंध्र प्रदेश की सरकार ने पिछले साल अपने सारे विद्यालयों में पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी कर देने का फैसला किया और विधानसभा ने उस पर मुहर लगा दी। भाजपा ने इसका विरोध किया और उसके २ नेताओं ने उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी। उच्च न्या. ने इस अंग्रेजी को थोपने के … Read more

शिक्षक-शिक्षा पर मंथन आवश्यक

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* शिक्षक दिवस विशेष……….. जैसे पांचों उंगलियां एक समान नहीं होतीं,उसी प्रकार प्रत्येक शिक्षक पूजनीय या निंदनीय नहीं होता। आज अधिकांश शिक्षक अपना महत्व खो रहे हैं,क्योंकि भारी-भरकम ट्यूशन शुल्क और धन के बल पर परीक्षा उत्तीर्ण करवाने वाले शिक्षकों का सम्मान आखिर विद्यार्थी कब तक करेंगे ?यह सत्य … Read more

गुरुकुल-शिक्षा भाव जरुरी

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** शिक्षक दिवस विशेष……….. भारत के प्राचीन काल में विद्यार्थी अपने आसपास के गुरु-कुलों में शिक्षा प्राप्त करने जाते थे,और गुरु के साथ वहीं रहते भी थे, जिससे छात्रों का सर्वांग विकास होता था। गुरु और शिष्य का संबंध पवित्र तो होता ही था,यह संबंध जीवनभर का भी हो जाता … Read more

शिक्षक होना भी एक…

मधुसूदन गौतम ‘कलम घिसाई’कोटा(राजस्थान)************************************************************ शिक्षक दिवस विशेष……….. आज एक मित्र सीधे-सीधे मॉर्निंग वॉक से घर आ धमके। बोले,चलो गौतम जी के यहाँ चलते हैं चाय पीयेंगे बतियाएंगे,गौतम जी को तो अपनी याद आती नहीं,अपन ही मिल लेते हैं…..आदि बतरस पुराण की सूक्तियां बोलते रहे। मैं बस मुस्कुरा कर रह गया- जानता हूँ राष्ट्र निर्माता है,काफी … Read more

उत्तम ब्रह्मचर्य:महत्व और अर्थ समझाना होगा

श्रीमती अर्चना जैनदिल्ली(भारत)**************************** ब्रह्म का अर्थ आत्मा है जो शुद्ध है,बुद्ध है, शाश्वत आनंद स्वरूप है। स्वयं की आत्मा में रमण करना ब्रह्मचर्य धर्म है, संयम की जड़ सदाचार है और यह दोनों ब्रह्मचर्य पर आधारित हैं। जो लोग ब्रह्मचर्य की महिमा को समझते हैं,वे संयम और सदाचार के महत्व को भली-भांति जान लेते हैं। … Read more

रामकथा के प्रथम अन्वेषक फादर कामिल बुल्के

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************************** हिन्दी योद्धा………….. बेल्जियम से भारत आकर यहां की नागरिकता स्वीकार करने वाले,हिन्दी को अपनी माँ,राम को अपना आदर्श और तुलसी के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले डॉ. फादर कामिल बुल्के रामकथा पर गंभीर शोध करने वाले पहले अनुसंधित्सु हैं। ‘रामकथा–उत्पत्ति और विकास’ आज भी रामकथा पर सर्वश्रेष्ठ शोध कार्य माना जाता … Read more

‘तानाशाही’ की बासी कढ़ी और सोनिया गांधी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************** कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अब फिर देश को बासी कढ़ी परोस दी। माँ ने बेटे को भी मात कर दिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के भूमिपूजन समारोह में बोलते हुए वे कह गईं कि देश में ‘गरीब-विरोधी’ और ‘देश-विरोधी’ शक्तियों का बोलबाला बढ़ गया है। ये शक्तियां देश में तानाशाही … Read more

पितृ पक्ष:भरपूर आशीर्वाद प्राप्ति

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************** इस वर्ष २ से १७ सितम्बर तक पूरे १६ दिनों का पितृ पक्ष है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए,पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने एवं पितृ दोष निवारण के लिए ये दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पूरे साल की अमावस्या तथा इन दिनों पितृ तर्पण,पिंड दान,ब्राह्मण भोजन,दान,कुआं-तालाब का निर्माण,पौधरोपण,नारायण बलि-नाग … Read more