हिंदी:अंग्रेजी भाषा का नहीं-वर्चस्व का विरोध जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************************** आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। द्रमुक की नेता कनिमोझी ने मांग की है कि,सरकार उन्हें तुरंत मुअत्तिल करे,क्योंकि उन्होंने कहा था कि जो उनका भाषण हिंदी में नहीं सुनना चाहे,वह बाहर चला जाए। वे देश के आयुर्वेदिक वैद्यों और प्राकृतिक चिकित्सकों को … Read more

श्री राधारानी जी

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************************************ राधा अष्टमी(२६ अगस्त)विशेष…… श्री राधारानी जी के श्री चरणों में साष्टांग प्रणामl जय जगत प्रसूता आदि महाशक्ति श्री कृष्ण प्रणाधिका श्री राधारानी जी की जय। पुराणों के वर्णन के अनुसार ज्ञात होता है कि,-जब-जब विश्व ब्रह्मांड अत्याचारियों के अत्याचार से भयभीत होकर अशांत व प्रतारित हुआ है,तब-तब जगत संसार की रक्षा … Read more

बाढ़ उत्सव

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ********************************************************* पल्टू बाबा सरकारी मुलाजिम ठहरे। पैदा होने से लेकर नौकरी तक पठार में की। बाढ़ क्या होती है,उसके बारे में उन्होंने सिर्फ अखबारों में पढ़ा था।पहली बार उन्हें सरकार ने निर्देश दिया कि वे बाढ़ग्रस्त इलाके में जाएं,और बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। जिस बाढ़ग्रस्त जिले में उन्हें जाने का निर्देश … Read more

विकास को पुनर्जीवित करने हेतु पैदा करने होंगे नए अवसर

डॉ.सत्यवान सौरभहिसार (हरियाणा)************************************ कोविद-१९ महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और भारत में भी इसके गहरे प्रभाव पड़े हैं। राष्ट्रव्यापी तालाबन्दी की वजह से घरेलू मांग में कमी ने अर्थव्यवस्था को २०२०-२१ की पहली तिमाही में संकुचित कर दिया है और इसके प्रभाव भविष्य में दिखने की संभावना है। फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र … Read more

हिन्दी के पाणिनि:आचार्य किशोरीदास वाजपेयी

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)******************************************हिन्दी योद्धा…….. हिन्दी के पाणिनि कहे जाने वाले आचार्य किशोरीदास वाजपेयी का जन्म(१५ दिसम्बर १८९८) कानपुर के बिठूर के पास रामनगर नामक गाँव में हुआ था।प्रारंभिक शिक्षा गाँव में,संस्कृत की शिक्षा वृंदावन में और आगे की शिक्षा बनारस तथा पंजाब में हुई। कुछ वर्ष तक उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अध्यापन का कार्य … Read more

घर एक मन्दिर ही

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’बहादुरगढ़(हरियाणा)********************************************************* यह बात निस्संदेह नितान्त सत्य ही है कि,घर एक मन्दिर की तरह है। मन्दिर में जाते ही प्रभु से समीपता का एहसास होता है,ऐसे ही घर में जहाँ परस्पर प्यार,लगाव,आकर्षण हैl जाते ही अपनेपन का एहसास हिलोरे लेने लगता हैl घर की देहरी में आते ही सारी थकान दूर हो जाती है … Read more

ट्रम्प की टोपी में मोर पंख और बिच्छू…

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************************** पिछले दिनों में अमेरिका एक बार उठ गया और एक बार गिर गया। वह उठा तब,जबकि इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) में समझौता हो गया और वह गिरा तब,जबकि सुरक्षा परिषद में वह ईरान के विरुद्ध बुरी तरह से पछाड़ खा गया। इस्राइल की स्थापना १९४८ में हुई,लेकिन पश्चिम एशिया के … Read more

प्रकृति संरक्षक व दिव्यज्ञान के प्रतीक श्री गणेश जी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ********************************************************** श्री गणेश चतुर्थी स्पर्धा विशेष….. ईश्वर निराकार है। एक होकर भी उसने अनेक रूप धारण किए। स्वयं भगवान कहते हैं,-‘एकोऽहं बहुस्याम’,अर्थात में एक होकर भी अनेक रूप धारण करता हूँ। संसार में विभिन्न लीलाएं रचने,संसार को मार्गदर्शन देने,संसार में सभी प्रकार की मर्यादाएं व व्यवस्थाएं बनाने,भक्तों को विभिन्न रूपों में दर्शन … Read more

कोरोना:विकास के संतुलन पर गंभीरता से सोचना होगा

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ****************************************************** ‘कोरोना’ विषाणु से पैदा हुई महामारी ने वैश्विक समाज और प्रशासन की तमाम कमजोरियों को उजागर कर दिया है,साथ ही इस खतरनाक संकट से आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाया है। कोविड-१९ की यह खतरनाक बीमारी जो असमय ही मनुष्य जीवन पर हावी हो गई है,ऐसा संकट है जो मनुष्य जाति … Read more

बूढ़ों का देश कहलाएगा भारत सिर्फ १६ साल बाद!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** आजादी की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता की खुशियों के साथ-साथ एक बड़ा और चिंताजनक सवाल भी दस्तक दे रहा है कि,एक तरफ हम अपनी युवा आबादी को काम नहीं दे पा रहे हैं,दूसरी तरफ भारत धीरे-धीरे बूढ़ों के देश में तब्दील होने जा रहा है। यह कोई दूर की कौड़ी नहीं है,केवल १६ … Read more