हिंदी:अंग्रेजी भाषा का नहीं-वर्चस्व का विरोध जरुरी
डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************************** आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। द्रमुक की नेता कनिमोझी ने मांग की है कि,सरकार उन्हें तुरंत मुअत्तिल करे,क्योंकि उन्होंने कहा था कि जो उनका भाषण हिंदी में नहीं सुनना चाहे,वह बाहर चला जाए। वे देश के आयुर्वेदिक वैद्यों और प्राकृतिक चिकित्सकों को … Read more