कह देते एक बार प्यार से

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** अपनों ने जो दर्द दिए हैं,याद बहुत आते हैं,बहुत भुलाना चाहते हैं,पर भुला नहीं पाते हैं। जब अपना साथी ही अपना दुश्मन बन जाता है,रोज घाव देकर वो उन पर नमक छिड़क जाता है। फिर तल्खी से कहता है कि भूल जाओ वो बातें,रो-रोकर काटी हैं हमने,जाने कितनी रातें। याद नहीं करना … Read more

कैसा ये अंधेर है

सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************* मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. अन्न वो उगाता है जी,स्वेद वो बहाता है जी,फटे हाल जिये सदा,कलयुग घोर है। कर्ज में आकंठ डूबा,झेलता है सदा सूखा,कहते हैं अन्नदाता,दु:ख घनघोर है। श्रम वो कठोर करे,सर्दी गर्मी मेह झेले,जग का करे पोषण,स्वयं कमजोर है। कृषक का मान करो,दशा पर ध्यान धरो,ईश्वर का रूप … Read more

देश का अन्नदाता है किसान

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. शास्त्री जी ने देश को,नारा दिया महानजय जवान,जय किसान,तन से चाहे हो फकीर।है मन से बड़ा धनवान,देश का अन्नदाता है किसान। गर्मी में धूप में तपता,बरसातों में रहे भीगतासर्दी में वह रहे ठिठुरता,निर्भर वह कृषि पे रहता।मेहनत से न डरे,कर्म करे महान,देश का अन्नदाता है किसान…। … Read more

किसने किस पर हद कर दी…!

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. हमारे देश के कृषक भी ऋृषि हैं कृषक भी तप करते हैं तपती धूप में,बारिश में। आंधी,तूफान व बाढ़ से जूझता है,अपने लहलहाते खलिहानों को प्रकृति की आपदाओं में तहस-नहस होते देख शांत भाव से देख कभी हौंसला नहीं गंवाया,न ही प्रकृति सौंदर्य को निहारने,संवारने … Read more

बदले की मत सोच

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)*************************************** रहना है सब प्रेम से,नहीं दुश्मनी आज।मिलकर करने काज हैं,इसमें कैसी लाज॥इसमें कैसी लाज,चलो फिर हाथ बढ़ाओ।बदले की मत सोच,सभी को गले लगाओ॥कहे ‘विनायक राज’,कष्ट को सबको सहना।भाई-भाई साथ,एक-दूजे संग रहना॥

ग़लत है न ?

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** अच्छी हो या बुरी,सही हो या ग़लत ?ज़िन्दगी कैसी भी हो,हिसाब ग़लत है। दो अधूरे इंसान मिलकर,एक मुक़्क़मल इंसान नहीं बनतेदो अधूरे रास्ते जुड़कर,किसी मंज़िल से नहीं मिलतेये हिसाब ज़िन्दगी का है,और यहां नियम अलग हैंएक बार बढ़कर कोई घट नहीं सकता,लेकिन वो बड़ा हो जाएऐसा भी ज़रूरी नहीं,यहाँ एक,एक के … Read more

ठिठुरन

डॉ.सरला सिंह`स्निग्धा`दिल्ली************************************** देख सको तो देखो उनको,फुटपाथों पर जो सोए हैं। कुछ लोग करोड़ों की गड्डी,दीवारों में चुनवाकर रखतेकिलो-किलो में रखते सोना,दिन-रात अमीरी ही चखतेकुछ के सिर पे छत भी नहीं,वे आकाश ओढ़कर सोए हैं। तुम हीटर में भी ओढ़ रजाई,काँपते और ठिठुरते हो रहतेरहते कुछ सड़कों के किनारे,जो शीतलहर सीधे ही सहतेचीथड़ों में लपेटे … Read more

नव-वर्ष का अभिनंदन

तारा प्रजापत ‘प्रीत’रातानाड़ा(राजस्थान) ****************************************** नव वर्ष विशेष…. नव वर्ष की नव बेला मेंप्रेम भरा अभिनंदन हो,नव वर्ष का करें हम स्वागत-गए-वर्ष को वंदन हो…। चारों ओर खुशियों का मेलाखिले पुष्प आशाओं के,जीवन सुगन्धित चंदन हो-नव वर्ष का अभिनंदन हो…। भूल जाएं हम पिछले कल कोगले लगा लें आज को,आनन्दित सबका मन हो-नव-वर्ष का अभिवंदन हो…। करें … Read more

वर्ष नया,नया त्योहार

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** नव वर्ष विशेष…. दिवस बदलते,माह बदलते,बदले कैलेंडर,बदले कई वार।चलो मनाएं,नई सुबह पर,नए वर्ष का,नया त्योहार। धरा वही,आसमां वही है,लगे नया,भव-पारावार।वर्ष नया,कैलेंडर बदला,सोच भी बदलें,अबकी बार। शुभकामनाएं,न हो औपचारिक,गम भी बांटें,सब मिलकर यार।आज से फिर हो,नई कहानी,खुशियों की,हर घर बौछार। रात गुजरी,अब दिन निकलेगा,वर्ष नया,सज-धज तैयार।छोड़ें सब हम,बुरी आदतें,जग से … Read more

नव वर्ष आ रहा सौभाग्य लेकर

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* नव वर्ष विशेष…. नव सूरज का किरण प्रकाश लेकर,नववर्ष आ रहा जीत उपहार लेकरबीते विपदा वर्ष दु:ख पर्वत-सा भारी,नववर्ष आ रहा जीत का उपहार लेकर। नववर्ष आ रहा स्वप्न लक्ष्य अपार लेकर,नई आशाओं की सुंदर सौगात लेकरस्वागत करिए आप जी उत्साह संग,नववर्ष आ रहा सुख-सौभाग्य लेकर। नव उर्जा से उत्साहित … Read more