अन्नदाता जीवन का दूजा नाम

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** मेरे देश के श्रमजीवी किसान,अन्नदाता जीवन का दूजा नामकरे उद्यम उदर पूर्ति संसार की,हम उतार न पाएं उनका एहसान। दिन रात सर्दी गर्मी धूप बरसात,जिनकी मित्रता प्रकृति से पहचानधरती माँ के लायक बेटा बन कर,पाते धरती से अथक धन वरदान। अन्नदानी सच्चे जन सेवक महान,कृषक चुराए न काम से कभी प्रानआपस में … Read more

‘इत्र’ की बदबूःराष्ट्रीय शिष्टाचार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* इत्र से कितनी बदबू फैल सकती है,यह दुनिया को पहली बार पता चला। कन्नौज के इत्रवाले जैन परिवारों पर पड़े छापों ने इत्र के साथ उत्तरप्रदेश की राजनीति की बदबू को भी उजागर कर दिया है। सच्चाई तो यह है कि,इन छापों ने भारत की सारी राजनीति में फैली बदबू को सबके … Read more

किसान है बड़ा महान

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. मेरे देश का किसान,करता नहीं गुमानन रखे अभिमान,,है बड़ा महान। धरती माता के अंचल,हरियाली जो बोते हैंअमन चमन की खुशहाली को,श्रम का बोझा ढोते हैं। श्ववेत धाम आंधी-वर्षा में,हँसते कदम बढ़ाते हैंखेतों में धानी फसलों को,अपना स्वेद चढ़ाते हैं। अर्धनग्न तन भूखे रत हैं,किन्तु नहीं … Read more

किसान का क्या दोष…?

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. ये सोचकरबैल ख़रीदे,किसान नेअपनी पहलीफसल बेचकर,घर को एक बारिशऔर खाने देबाद में ठीक कराएंगे।बैलों के खुरों में,नाल लगवाने कादर्द,मगर खुद के सीने मेंदबा जाते हैं,हर साल फसलों काजोड़ बाकी करके,फसलों पर दंभ भरते हैं।वे फसलें जिनका,खाद,दवाई,बीजपहले उधारी का,निवाला बन चुकीपानी ने अतिवृष्टि में,फसलें कमजोर करफसलों के … Read more

सेना समान किसान

डॉ.सरला सिंह`स्निग्धा`दिल्ली************************************** मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. सरहद पर सैनिक जैसे,सदा देश की रक्षा करते।देश के अन्दर ये किसान,सबका पेट सदा हैं भरते॥ खेतों में मेरे किसान जब,दिन-रात पसीना बहाते हैं।उनकी ही मेहनत अथाह,तब जाकर भोजन पाते हैं।सेना समान ही उनको भी,दिल से हम नमन हैं करते॥ शीत-घाम सहकर हरदम,खेतों में बीज वे बोते … Read more

धन्य-धन्य हे! कृषक देव

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’ इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************* मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष…..   धन्य-धन्य हे! कृषक देव तुम,सबकी भूख मिटाते हो।सच्चे पूत तुम्हीं धरती के,मेहनत करके खाते हो।चिन्तन एक तुम्हारे मन में,कैसे अन्न अधिक उपजे।जाड़ा-गर्मी वर्षा-ओला,आँधी से टकराते हो॥ श्रम करते दिन-रात लगन से,रूखा-सूखा हाथ लगे,हरी-भरी धरती करने को,कुल- कुटुम्ब सब साथ लगे।अर्पित तन-मन करते … Read more

बच्चों तक बाल साहित्य नहीं पहुंच रहा

ऑनलाइन कार्यशाला…. अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। बच्चों तक बाल साहित्य नहीं पहुंच रहा है। बच्चे मोबाइल से चिपके रहते हैं,यह सही नहीं है। जागरूक अभिभावक बच्चों को रचनात्मक कार्यों एवं साहित्य से जोड़ रहे हैं। बाल प्रहरी के ३०० ऑनलाइन कार्यक्रम में देश के लगभग १५ राज्यों के १६०० बच्चे जुड़ रहे हैं। ये कहीं न कहीं … Read more

अतीत की विदाई और स्वागत नववर्ष

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************* नव वर्ष विशेष…. करें विदाई इक्कीस अतीत,जो ‘कोरोना’ काल बना हो।स्वागत आगत नववर्ष लसित,सुखद प्रगति उल्लास नया हो॥ आओ नया साल मनाऍं हम,नव उषा किरण नव ध्येय पटल हो।खुशियाँ जग में फैलाऍं हम,मधुरिम स्नेहिल मीत विमल हो। नवल भोर अरुण नववर्ष उदय,अरुणाभ विश्व आनंदित हो।चहुँ शान्ति कान्ति बिन भ्रान्ति … Read more

तपती धरती

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)***************************************** धरती तपती धूप से,कटते वन चहुँओर।नहीं किसी को सुध यहाँ,बनते हृदय कठोर॥बनते हृदय कठोर,नहीं सुध कोई लेते।काटे वृक्ष अपार,इसे बंजर कर देते॥कहे ‘विनायक राज’,धरा सबके दु:ख हरती।वृक्ष लगाकर आज,बचा लो तपती धरती॥

संकल्प नई उड़ान का

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** नव वर्ष विशेष….. ये बरस भी कुछ उस बरस-सा चला गया,कुछ छूटा तो किसी को दिल से मिला गया। होगा लेना फिर संकल्प नई उड़ान का,करना है पूरा सपना मुझे आसमान का। कोई रूठे,छूटे,लूटे तो भी सफर नहीं रुकता,नाराज हो जमीं तो भी आसमाँ नहीं झुकता। नए पंख हैं नए साल में … Read more