आजा मैया मेरे द्वार

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** मन मेरा माँ रहा पुकार, आजा मैया मेरे द्वार। दुर्भावों का कर संहार, भर दे मैैैया ज्ञान अपारll अँखियाँ तुझको रहीं निहार, चाहूँ दर्शन बारम्बारl मुझ पर कर मैया उपकार, सदा करूँ तेरा सत्कारll कभी न छूटे तेरी आस, तुझमें अटल रहे विश्वास। मन मेरा तेरा आवास, बस तेरी ममता … Read more

आज का मानव

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ आज का मानव अपने स्वार्थों में इतना फंस चुका है, अपना करके हिंसा आगे बढ़ रहा हैl दिखता नहीं कुछ निःशेष है अपनी इच्छाओं की पूर्ति, रहें स्थिर संतुलन प्राणी जगत अथवा मानवीय संस्कृति का, उसको चाहिए मात्र अपनी इच्छाओं की पूर्ति। जिसके लिए उसने अपने इष्ट मित्रों बन्धु-बान्धवों तक … Read more

दोस्त

रितिका सेंगर  इंदौर (मध्यप्रदेश) ****************************************************** एक तूफान आया, और टूट गया मेरा..आ..शियाना… भीड़ रिश्तेदारों की, मेरे साथ बहा रही थी आँ..सू, मेरी आँखें तलाश रही थी दोस्त को मेरे, खबर नहीं थी मुझेl वो तिनके चुन रहा था, मेरा आशियाना बनाने के लिएll

आह्वान

क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** भय के भयानकतम के मध्य साहस का दीपक जलाओ तुम, विनाश की घुटन में हो निर्भय निर्माण के गीत अब गाओ तुम। जो बन गए युगों-युगों से भीरू उनको वीर आल्हे सुनाओ रे! दुर्दान्त शत्रुओं के समक्ष तुम, अपना शौर्य और बल दिखाओ रेl जहाँ फैली कल दावानल भयानक आज प्रकृति … Read more

तेरा जाना

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* था यकीं तुमको कि हम तुमको भूल जाएँगे, हमको ये उम्मीद थी कि हम तुमको याद आएँगे…। सिलसिला कुछ यूँ हुआ कि बसर ज़िंदगी होती रही, जो फासला है दरमियाँ वो… कभी हम तय नहीं कर पाएँगे। गर सामना कभी हो गया तो सितम का सबब हम पूछेंगे, कह देगें सब … Read more

जनचेतना

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* राजनीति, हर घर की दहलीज़ पर दस्तक देने लगी है, प्रचार की चहल-पहल गाँव-गाँव और, शहर-शहर में होने लगी है। बढ़ा-चढ़ा कर, भाषणों की ज़ुमलेबाजी भोली-भाली जनता, कुछ-कुछ समझने लगी है, अब नहीं आएगी बहकावे में यारों, वह सीधे तु्म्हारे फेंके गए वादों से आँखें मिलाने लगी है। अब तक ठगते … Read more

टेंशन

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** चहुंओर है टेंशन ही टेंशन, बच्चों को है परीक्षा का टेंशन बड़ों में भी है री-एडमिशन का टेंशन, नौकरीपेशा को है करकटौती का टेंशन व्यापारी को है जीएसटी की उलझन, चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…। किसानों को है पानी का टेंशन, अफसरों को है समय का टेंशन दलालों … Read more

भारतीय भाषाओं के लिए चुनावी माँग-पत्र

सन् २०१९ में सत्रहवीं लोकसभा चुनाव के लिए मुम्बई। भारत की संस्कृति को एक पीढ़ीसे दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाते हुए आगे बढ़ाने का काम करती हैं हमारी भारतीय भाषाएँ। यदि भारतीय भाषाओं का पराभव हुआ तो भारत की संस्कृति ही नहीं,हजारों वर्षों से अर्जित भारत का तमाम प्राचीन ज्ञान-विज्ञान,अध्यात्म, साहित्य सहित सब कुछ समाप्त हो … Read more

आए माता के नवराते

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** आये माता के नवराते माता को मना लो। मंगलकरणी दुःखहारणी सिद्धिदात्री माँ, माँ दुआरे भक्त पुकारे कष्ट निवार्णी माँ। मुँह मांगी मुरादें पा लो, माता को मना लो। आये माता के नवराते॥ माँ शैलपुत्री ब्रम्हचारिणी, चंद्रघंटा कूष्माण्डा माता के गुण गा लो, आए नवराते माता को मना लो॥ माँ स्कंदमाता कात्यायनी, … Read more

`मत` डालने निश्चित जाना

श्रीकृष्ण शुक्ल मुरादाबाद(उत्तरप्रदेश)  ***************************************************************** मौसम आया फिर चुनाव का, फिर अपनी सरकार बनाना। लेकिन अवसर चूक न जाना, वोट डालने निश्चित जानाll प्रत्याशी लेकर आए हैं, लोक लुभावन ढेरों वादेl जनता भी है भोली-भाली, समझ न पाती कुटिल इरादे॥ पहले इनकी चाल परखना, तदुपरान्त अच्छे को चुननाl लेकिन आलस में मत पड़ना, वोट डालने निश्चित … Read more