हिन्दी से हिंग्लिश का सफर
सत्यजीत कुमार द्विवेदी************************************ मैं मानता हूँ कि भारत विविधताओं और अनेकता में एकता की कसौटी पर खरा उतरता है, लेकिन हम कई अन्य देशों को देखें, जहां पर एक राष्ट्र एक भाषा को परिमार्जित होते हुए देखा जाता है, जबकि वहां भी कई भाषाएं और बोलियां विद्यमान है, साथ ही वो देश अपनी भाषा के … Read more