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भारत महान देश है दोस्तों

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’
खगड़िया (बिहार)
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भारत महान देश हमारा है दोस्तोंl
पूरे जहां में हिन्द सितारा है दोस्तोंl

सब जानते हैं जंग से इसका न वास्ता,
लड़ना पड़े तो सबको पछाड़ा है दोस्तोंl

गंगा युगों से देश की सींचे जमीन को,
इसका सुरमयी घाट किनारा है दोस्तोंl

शोभे मुकुट है भाल पे उत्तर हिमाल का,
निधि ने महान पग को पखाड़ा है दोस्तोंl

इसमें चमन अनेक हैं उपवन बहार भी,
हर राज्य में हसीन नजारा है दोस्तोंl

यह भूमि राम-कृष्ण की गाँधी-सुभाष की,
यह ज्ञान का युगों से पिटारा है दोस्तोंl

पलती रही है जिंदगी निर्धन-अमीर की,
यह सौ अरब जनों का सहारा है दोस्तोंl

सब चल पड़े हैं देश पे होने शहीद त्वर,
जब देश ने विकल हो पुकारा है दोस्तोंll

परिचय-अवधेश कुमार का साहित्यिक उपनाम-आशुतोष है। जन्म तारीख २० अक्टूबर १९६५ और जन्म स्थान- खगरिया है। आप वर्तमान में खगड़िया (जमशेदपुर) में निवासरत हैं। हिंदी-अंग्रेजी भाषा का ज्ञान रखने वाले आशुतोष जी का राज्य-बिहार-झारखंड है। शिक्षा असैनिक अभियंत्रण में बी. टेक. एवं कार्यक्षेत्र-लेखन है। सामाजिक गतिविधि के निमित्त साहित्यिक गतिविधियों में भाग लेते रहते हैं। लेखन विधा-पद्य(कुंडलिया,दोहा,मुक्त कविता) है। इनकी पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें-कस्तूरी कुंडल बसे(कुंडलिया) तथा मन मंदिर कान्हा बसे(दोहा)है। कई रचनाओं का प्रकाशन विविध पत्र- पत्रिकाओं में हुआ है। राजभाषा हिंदी की ओर से ‘कस्तूरी कुंडल बसे’ पुस्तक को अनुदान मिलना सम्मान है तो रेणु पुरस्कार और रजत पुरस्कार से भी सम्मानित हुए हैं। इनकी लेखनी का उद्देश्य-साहित्य सेवा करना है। आपके लिए प्रेरणा पुंज-हिंदी की साहित्यिक पुस्तकें हैं। विशेषज्ञता-छंद बद्ध रचना (विशेषकर कुंडलिया)में है।