चीन एवं चंदे पर ओछी राजनीति

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* गलवान घाटी घटना पर देश में इन दिनों जमकर राजनीति हो रही है,विभिन्न शीर्षस्थ राजनीतिक दल फौज का मनोबल गिराने वाले बयान दे रहे हैं। ऐसा लग रहा है गलवान घाटी में भारत की मुठभेड़ चीन से हुई,लेकिन असली दंगल भाजपा और कांग्रेस के बीच हो रहा है। दोनों दल एक-दूसरे पर … Read more

कोशिश करके तो देख

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)******************************************************************* रोक सकता है तू लहरों को,कोशिश करके तो देखlलौटा सकता है तू तूफ़ां को,कोशिश करके तो देखI यह दुनिया जो कोसती है रात-दिन तुझे,सीने से लगायेगी एक दिन,कोशिश करके तो देखI क्यूँ फंसता है संभव-असंभव के फेर में,कर सकता है सब-कुछ,कोशिश करके तो देखI मुसीबतें खड़ी हैं जो सीना ताने तेरे … Read more

बारिश का बचपन

अमृता सिंहइंदौर (मध्यप्रदेश)************************************************ बचपन हमारा ऐसा था,हम भीगते थे बारिश मेंचेहरे कीचड़ रंग देता था,गीली चप्पल गीले कपड़े।खुशबू गीली मिट्टी की,गीली चौखट गीला आँगनगीले बदन से टप-टप करता,एक समंदर ऐसा था।बिजली का वो जाना,देख झरोखे से चिल्लानाबरसते बादल चमकती बिजली,बारिश का वो मौसम ऐसा था।नाव चलाना पानी में,अनोखी ख़ुशी वो देता थाछप-छप करके पानी में,सर्दी … Read more

अधूरे सपने…

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** हँसते-चीखते गली-मोहल्ले,अब वीरान से हो गए हैंशहर के सारे चौराहे,अब सुनसान हो गए हैं।घर-परिवार के लोग,घरों में कैद हो गए हैंऔर परिवार तक ही,अब सीमित हो गए हैं।और बनावटी दुनिया को,अब वो भूल से गए हैंमहानगर बेहाल हो गए हैं,माल-सिनेमा बंद हो गए हैं।पर गाँवों की चौपाल,अब आबाद हो गई हैक्योंकि गांवों … Read more

वृक्ष लगाओ

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************************************** (रचना शिल्प:८+८+६=२२ चरणांत-१ १ २) वृक्ष लगाओ,हरी भरी हो,ये वसुधा।नीर बचाओ,निर्बाध बहे,ये सरिता॥चिड़िया बोले,डाली डाली,पिक चहके।लदे हुए हों,वृक्ष फूल फल,से लहके॥ होय नीर सरिता में निर्मल,पवन बहे।उड़े नील अम्बर में खग भय,हीन रहे॥प्रकृति सौंदर्य,सबका मन आकृष्ट करे।होय प्रदूषण,मुक्त धरा भी,सुख बिखरे॥ पेड़ों से ही,मिलते फल अरु,फूल हमे।हम रहे सभी,स्वस्थअरु शांत,इस मन … Read more

प्रभु नटखट

बाबूलाल शर्मासिकंदरा(राजस्थान)************************************************* (रचना शिल्प:३१, वर्ण प्रति चरण(८८८७) १६,१५ पर यति-४ चरण सम तुकांत,प्रति चरण ३० वर्ण लघु और अंतिम वर्ण गुरु) चल पथ पनघटनिरखत जल घटगिरधर नटखटपटकत घट है। भय भगदड़ तबघर पथ लगि जबछिपत रहत अबगिरधर नट है। वन पथ छिप करदधि घट क्षत करझट पट चट करभग सरपट है। सर तट तरु चढिलखत … Read more

मुस्कान के रंग

सुश्री नमिता दुबेइंदौर(मध्यप्रदेश)******************************************************** मुस्कान के होते हैंकई अजीब रंग,कभी मासूमकभी मादक तो,कभी अहंकारीहोती है मुस्कान। राग के ह्रास कोमिटाती है मुस्कान,बड़े-बड़े काम कोचुटकियों में आसां,बनाती है मुस्कान। मुस्कान ने रचेकई इतिहास हैं,कभीमुस्कान के अस्त्र से,कई ऋषि-मुनियों कीतपस्या भंग हुई,महायुद्ध के बीज बो गईकभी द्रोपदी की मुस्कान। कृष्ण की मुस्कान को भीसमझना नहीं था आसां,यही मुस्कान … Read more

अभिनय,भावना,रहस्य का मसाला ‘आर्या’

इदरीस खत्री इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************* डिजनी हॉट स्टार की पेशकश ‘आर्या’ के निर्देशक-राम माधवानी हैं,तो कलाकार- सुष्मिता सेन,सिकन्दर खैर,चंद्रचूड़,जयंत कृपलानी,नमित दास,गार्गी सावंत,विकास कुमार,मनीष चौधरी एवं फ़्लोरा सैनी सहित अन्य हैं।पेनोजा-पीटर बर्ट के उपन्यास पर आधारित होकर इसका लेखन-संदीप श्रीवास्तव ने किया है। इसके ९ अंक हैं। हर अंक लगभग १ घण्टे का है,जिसमें रहस्य और रोमांच … Read more

अवसाद क्यों…हर क्षण का मजा लें

गरिमा पंत लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************* अवसाद(डिप्रेशन) क्यों होता है ? यह बहुत ही विचारणीय प्रश्न है। जब कोई दु:ख में डूब जाता है,सारी दुनिया उसे काली लगने लगती है,तब व्यक्ति को कुछ भी अच्छा नहीं लगता है,तब इसे माना जाता है। अवसाद का अर्थ मनोभावों से सम्बन्धी दुःख से होता है। अधिकतर यह देखा गया है कि … Read more

हम हिन्दुस्तानी

विजय कुमारमणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** हिन्दुस्तान में जीने वाले,पाकिस्तान पे नहीं मरतेजो मरते हैं वो कभी,हिन्दुस्तान के नहीं होते। कुछ तो ज़ालिम अभी जिंदा हैं,जो देशभक्ति नहीं जानतेवरना पाकिस्तान तो क्या,चाइना को भी घुसकर मारते। सदियों से मेरा मुल्क,अहिंसा पथ पर चला आ रहावरना ग़द्दार तो क्या,देशद्रोही को भी नहीं छोड़ते। इस देश के कुछ नपुंसक लोग,वीरो … Read more