निर्वाण…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ बताओ युक्ति- जन्म मृत्यु से कैसे मिलती मुक्ति। एक ही चाह- प्रभु शरण में हो मोक्ष की राह। धर्म का मर्म- होती केवल्य प्राप्ति शुभ हो कर्म। कई प्रमाण- काटो कर्म बन्धन मिले निर्वाण। मिलता यश- जन्म बंधन मुक्त मिले श्रेयस। परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ … Read more

जगमगाना चाहता हूँ

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** नफ़रतों के दर हिलाना चाहता हूँ। मुल्क को फिर जगमगाना चाहता हूँ। दिल नहीं हरगिज़ दुखाना चाहता हूँ, वो मनायें,मान जाना चाहता हूँ। जश्न सारे ही मनाना चाहता हूँ, गीत,ग़ज़लें खूब गाना चाहता हूँ। मैक़दे की चाभियाँ दे दीं सभी यूँ, ज़र्फ़ उनका आज़माना चाहता हूँ। थक … Read more

इन अंधे-बहरों में…

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** तूने ढूंढ ही लिया मुझे भीड़ के चेहरों में फिर अपना लिया मुझे इन बीच गैरों में, बांध कर रखा है इस कदर प्रीत पाश में- आजाद छोड़ दिया मुझे अपने पहरों में।   नाग-नागिन की मस्ती ओर परवान चढ़ी बीन बजा दी है जब बस्ती के सपेरों ने, जो … Read more

परिणाम भाजपा के लिये चिंता का मुद्दा

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव नतीजे अनुमान के विपरीत आए हैं। भाजपा को पूरा विश्वास था और मतदान पश्चात के सर्वेक्षण भी बता रहे थे कि दोनों राज्यों में भाजपा को ऐतिहासिक जीत हासिल होगी,यह भाजपा का अहंकार था या विश्वास। भले ही दोनों ही प्रांतों में सत्ता विरोधी लहर नजर … Read more

अनार्याणां प्रवेश: निषिद्ध

सुशांत सुप्रिय  ग़ाज़ियाबाद (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** पंडित ओंकारनाथ संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान थेl लोग उनके पांडित्य का लोहा मानते थे। पांडित्य उन्हें संस्कारों में मिला था।एक और वस्तु जो उन्हें संस्कारों में मिली थी,वह थी-कुल का गौरव और जातिगत अभिमान। उच्च वर्ण का जातिय अहं उनकी नस-नस में भरा था। उनका मानना था कि उनकी शिराओं … Read more

सोशल मीडिया: उपयोगी है,पर नुकसानदायक भी

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** पहले रोटी,कपड़ा और मकान हमारी मूलभूत जरूरतें थी। फिर इसमें पढ़ाई, दवाई और कमाई जुड़ी। बाद में आर-पार,व्यापार, समाचार,संचार और दूरसंचार शामिल हुआ। सिलसिले में कम्प्यूटर,इंटरनेट और मोबाइल के मकड़जाल से ‘कर लो दुनिया मुट्ठी में’ नामक सोशल मीडिया का जन्म हुआ जो बड़े काम की और कमाल का तुंतुरा साबित … Read more

बुराई में अच्छाई

आशीष प्रेम ‘शंकर’ मधुबनी(बिहार) ************************************************************************** क्यूँ कहते हो कि ये मुझसे नहीं होगा ? क्यूँ कहते हो कि ये मेरे लिए बना नहीं होगा ? बनी तो दुनिया भी सिकंदर के लिए नहीं थी, पर उसकी मेहनत में कोई शक भी तो नहीं था। वो बैठा न था,किस्मत के भरोसे, वो चलता न था,काफिलों के … Read more

बच्चों को तराशने वाला जौहरी कौन ?

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ जिन पालकों के पास थोड़ा-बहुत पैसा आना शुरू होता है,वह अपने बच्चों को अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश करा देते हैं। रेत छानने के चलने में से बारीक रेत छन जाती है,व अनुपयोगी बंडे अलग रख दिये जाते हैं,वैसे ही अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति वाले पालकों के अधिकांश बच्चे शासकीय … Read more

अनुमति

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* गाँव जाने के लिए वह अपना सामान बांधने लगी। सब आश्चर्य में पड़ गए,पहले कभी वह इस तरह से गाँव नहीं गई थी। अब अचानक ….। उसके पति ने पूछा,-“यूँ इस तरह गाँव क्यों जा रही हो ? वहां तो तुम्हारा कोई भी नहीं है।” “मैं केशव जी के पास जा … Read more

बोलो मत,सुनो!

दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* बोलो मत,सुनो, कहो मत,देखो! जैसा हो रहा है,होने दो, नाशपाती को नाशपाती मत कहो, सेब कहोl क्योंकि, राजा ने कहा है मीडिया उसे सेब ही कह रही है, इसलिए,तुम भी कहोl गलती से नाशपाती कह गये, तो मुसीबत झेलना तय हैl अखबारों में तुम्हारे नाम पर, लम्बी-चौड़ी सम्पादकीय निकलेगी टेलीविजन … Read more