निर्वाण…
निर्मल कुमार जैन ‘नीर’ उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ बताओ युक्ति- जन्म मृत्यु से कैसे मिलती मुक्ति। एक ही चाह- प्रभु शरण में हो मोक्ष की राह। धर्म का मर्म- होती केवल्य प्राप्ति शुभ हो कर्म। कई प्रमाण- काटो कर्म बन्धन मिले निर्वाण। मिलता यश- जन्म बंधन मुक्त मिले श्रेयस। परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ … Read more