सोच सको तो सोचो

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** गिलगित,बाल्तिस्तान हमारा है हमको लौटाओ, वरना जबरन ले लेंगे मत रोओ-मत चिल्लाओ। खून सने कातिल कुत्तों से जनता नहीं डरेगी, दे दो,वरना तेरी छाती पर ये पाँव धरेगी। तेरी-मेरी जनता कहने की ना कर नादानी, याद करो आका जिन्ना की बातें पुन: पुरानी। देश बाँटकर जाते-जाते उसने यही कहा था- … Read more

अमरूद का पेड़

डाॅ. मधुकर राव लारोकर ‘मधुर’  नागपुर(महाराष्ट्र) ************************************************************************* हमारे घर में पुराना अमरूद का पेड़ आँगन की बाउन्ड्री में स्थित है। कुछ दिन पूर्व हमारे चिकित्सक पुत्र के विवाह की तैयारी प्रारंभ हुई। घर के सामने मंडप लगाया जाना था। मंडप वाले ने कहा-“सर यह अमरूद का पेड़ काटना होगा। इसके तने के कारण मंडप,सही रूप … Read more

सबकी ख़बर रखती है

शैलेश गोंड’विकास मिर्ज़ापुरी’ बनारस (उत्तर प्रदेश) ************************************************************************ (रचनाशिल्प:बहर-मफाईलुन,फाएलुन,फालातुन) सभी चालों पर नज़र रखती है। हुकूमत सबकी ख़बर रखती है। बुरी आँखों से नज़र लगती है, मग़र माँ मेरी जंतर रखती है। ये डरती हरगिज़ नहीं दुनिया से, कि नारी दिल में गदर रखती है। सियासत की कुछ असर लगती है, कि गंगा माँ भी सबर … Read more

कल को बदलो आज में

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** यह कल देगा कल नहीं,अतः देखिये आज। यायावर सच कर्मपथ,बनो सुयश सरताज॥ सार्थवाह ख़ुद का बनो,नीति-प्रीति सम्मान। करो विवश तकदीर को,पूरा हो अरमान॥ कल को बदलो आज में,निर्माणक तकदीर। बनो नहीं मज़बूर कल,कीर्ति फलक तस्वीर॥ रखो आस्था कर्म पर,मिहनत नहीं विकल्प। श्रमित विजय उत्थान पथ,सुदृढ़ हो संकल्प॥ कवि … Read more

समन्दर रोया नहीं करते

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* सुनामी लहरें यादों की, जब आती हैं तो दिल शोर मचाता है और, अंदर कुछ टूट जाता है। बची हुई किरचें जब तब, दिल में चुभती रहती है। उन्हें कह देता हूँ डांट कर, कि, ‘समंदर रोया नही करते॥’ अश्क गर आँखों से बह गए, तो जिंदगी भी जल्दी … Read more

योग्या

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** किसी कारणवश आज समाजशास्त्र के प्रोफेसर नहीं आए थे। अतः सभी विद्यार्थी उद्यान में बैठकर विचार-विमर्श कर रहे थे। तभी दूर बैठी लड़कियों को देखकर एक विद्यार्थी ने कहा,-“तुम सभी पत्नी के रूप में कैसी लड़की चाहते हो ?” समूह में से एक विद्यार्थी बोला,-“नव्या! यानी ऐसी पत्नी जो रोज … Read more

कायदा तो है नहीं

राजेश पड़िहार प्रतापगढ़(राजस्थान) *********************************************************** बढ़ रहे हैं भाव लेकिन फायदा तो है नहीं। भेड़ की हम चाल चलते कायदा तो है नहीं। बस गिरे औ उठ रहे हैं आज शेयर देख लो, अब रहा बाज़ार में वह वायदा तो है नहीं। लेप कर सौन्दर्य साधन सज रही हैं यौवना, मान को जो मान देती वह … Read more

प्रेम-अपेक्षा भी नहीं,उपेक्षा भी नहीं

गोलू सिंह रोहतास(बिहार) ************************************************************** प्रिय तेरी अनुपस्थिति में, मन व्याकुल स्थिति में खोया रंगीन हस्ती में, बैठा यादों की कश्ती में मंद-मंद पवन की उपस्थिति में, खुशियों की बस्ती में मन मोहित मेरा मेरी प्रकृति में, तन भी रीझ दिया तेरी सुंदर आकृति में। मैं बाट ढूंढता तुम तक आने को भरा प्रेम मस्ती में, … Read more

अर्घ्यदान

अरुण कुमार पासवान ग्रेटर नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************************* दान प्रकृति है मनुष्य की, वह दान करता है,करना चाहता है। सुख पाता है दान कर के,कुछ भी; अपनी औकात के अनुरूप, जो हो उसके पास,उसके अधिकार में। कोई धन दान करता है,कोई कन्या, अग्नि को हवि,सूर्य को अर्घ्य दरिद्र को अन्न,वस्त्र, असहाय को सहायता। नेत्र सहित कई अंगों … Read more

सब्जी मेकर

डॉ.चंद्रेश कुमार छतलानी  उदयपुर (राजस्थान)  ************************************************************************** इस दीपावली वह पहली बार अकेली खाना बना रही थी। सब्ज़ी बिगड़ जाने के डर से मध्यम आँच पर कड़ाही में रखे तेल की गर्माहट के साथ उसके हृदय की गति भी बढ़ रही थी। उसी समय मिक्सर-ग्राइंडर जैसी आवाज़ निकालते हुए मिनी स्कूटर पर सवार उसके छोटे भाई … Read more