सोच सको तो सोचो
अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** गिलगित,बाल्तिस्तान हमारा है हमको लौटाओ, वरना जबरन ले लेंगे मत रोओ-मत चिल्लाओ। खून सने कातिल कुत्तों से जनता नहीं डरेगी, दे दो,वरना तेरी छाती पर ये पाँव धरेगी। तेरी-मेरी जनता कहने की ना कर नादानी, याद करो आका जिन्ना की बातें पुन: पुरानी। देश बाँटकर जाते-जाते उसने यही कहा था- … Read more