आइए जलते हैं

डॉ.चंद्रेश कुमार छतलानी  उदयपुर (राजस्थान)  ************************************************************************** आइए जलते हैं, दीपक की तरह। आइए जलते हैं, अगरबत्ती-धूप की तरह। आइए जलते हैं, धूप में तपती धरती की तरह। आइए जलते हैं, सूरज सरीखे तारों की तरह। आइए जलते हैं, अपने ही अग्नाशय की तरह। आइए जलते हैं, रोटियों की तरह और चूल्हे की तरह। आइए जलते … Read more

प्रतिभा के धनी थे सरदार वल्लभ भाई पटेल

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आपकी अच्छाई आपके मार्ग पर बाधक थी,इसलिए अपनी आँखों को क्रोध से लाल होने दीजिए, और अन्याय का मजबूत हाथों से सामना करने दीजिए। वल्लभ भाई पटेल का जन्म ३१ अक्टूबर १८७५ को हुआ। इस महापुरुष का जन्म नाडियाड गुजरात में एक लेवा कर्जर प्रतिहार … Read more

अँधेरों को निगलते जा रहे

लक्ष्मण दावानी जबलपुर(मध्यप्रदेश) **************************************************************** खुशी के दीप जलते जा रहे हैंl हरिक मंजर बदलते जा रहे हैंl जला कर दीप दीवाली के यारों, अंधेरों को निगलते जा रहे हैंl बिछा के आँखें अब स्वागत में माँ के, दिल-ऐ-अरमां महकते जा रहे हैंl बसा कर प्रेम अंतर मन में अपने, रंगों में माँ के ढलते जा … Read more

माला जगमगा गई

अजय जैन ‘विकल्प’ इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** लो शुभ दीपावली आ गई, मंद-मंद मुस्कानें छा गई। मौसम भी करवट बदलने लगा, दीपों की माला जगमगा गई। भूमि पुत्र का चेहरा खिल गया, मानो मन की मुराद पूरी हो गई। मंगल गीतों-ढोल से आँगन रोशन, हर सू लहर खुशी लहरा गई। माँ लक्ष्मी का आशीष बरसता रहे, प्रेम … Read more

रोशनी बन जगमगाओ

रूपेश कुमार सिवान(बिहार)  ******************************************************** प्यार का दीपक ज़लाओ इस अंधेरे में, रुप का जलवा दिखाओ इस अंधेरे में। दिलों का मिलना दिवाली का ये पैगाम, दूरियाँ दिल की मिटाओ इस अंधेरे में॥ अजनबी है भटक न ज़ाए कहीं मंजिल, रास्ता उसको सुझाओ इस अंधेरे में। ज़िन्दगी का सफर है मुश्किल इसलिए, कोई हमसफर हमदम बनाओ … Read more

एकता दिवस

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* लौह पुरुष जी आपके ईरादे कितने थे नेक, अब क्रिकेट मैच के दिन हिन्दू-मुस्लिम होते हैं एक। धारा-३७० हटने पर मचाया था इतना बवाल, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठते हैं हमारी एकता पर सवाल। लौह पुरुष होते तो कश्मीर में नहीं होती कोई शहादत, नहीं लहराता कोई कश्मीर में झंडा-ए-बगावत। जितना … Read more

एक स्नेह का दीप जलाएं

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* जगमग हो जाए हर कोना, हरेक चीज लगे अब सोना हर दु:ख का हो जाए शमन, भर जाए खुशियों से दामन अंधियारा जग से मिट जाए। एक स्नेह का दीप जलाएं॥ विश्व में शांति का प्रसार हो, प्रेम और सदभाव अपार हो घर-घर दीप करे उजियारा, बढ जाए आपसी भाईचारा … Read more

एकता कायम रहे

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** अपनों से जो लड़ोगे बिखर जाओगे सुनो, जलने लगेंगे गाँव किधर जाओगे सुनो। लड़ना कभी न भाइयों आपस में है कसम- मिल-जुल के तुम रहोगे निखर जाओगे सुनो॥ माना कि धर्म-बोलियाँ अनेक साथियों, लेकिन हमारा देश तो है एक साथियों। होली व ईद को सभी मिलते हैं हम गले- … Read more

राष्ट्र एकता

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** जज्बा भरी करें प्रतिज्ञा, युवाओं को एकता का सबक सिखाना है, जन-जन में जागृति लाना है। एकता मूल मंत्र विकास का, देश के सुनहरे प्रकाश का जब तक रहेगीं साठ-गांठ, राष्ट्रीय एकता का न होगा विकास इसके उद्धार में हैं आलोकिक प्रकाश। प्रेम से हिल-मिल बाँटें सबमें, एक भूमि का … Read more

महके खुशियाँ वतन में

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** कवि ‘निकुंज’ शुभकामना,धनतेरस त्यौहार। तन मन गृह सुख सम्पदा,हो मंगल परिवार॥ आलोकित सदभाव से,अमन शान्ति नित गेह। मन विकार मानस मिटे,दीप जले नित स्नेह॥ मिटे सकल दुख आपदा,हो नीरोग उपवेश। राष्ट्र प्रगति हो चतुर्दिक,निर्भय संबल देश॥ सबजन शिक्षा हो सुलभ,दीप जले सद्ज्ञान। जले पाप आतंक का,दें सबको सम्मान॥ … Read more