ऊपर से रब देखता

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** आज़ादी का अपहरण,करे जहाँ सरकार। तर्क बगावत का वहाँ,पाता है आधार॥ ज़र के भूखे भेड़िए,चन्द ज़मीर फरोश। पै दर पै दिखला रहे,फिर से अपना जोश॥ अगर चाहिए ज्ञान तो,सुख का कर दे त्याग। विद्या मिलती है उसे,जिसके दिल में आग॥ इधर-उधर की बात कर,मचा रहे हैं शोर। … Read more

‘जन्माष्टमी’ पर फिर बड़ी स्पर्धा, बनिए विजेता

इंदौर। हिंदी भाषा को पूर्णतः समर्पित हिंदीभाषा डॉट कॉम (पोर्टल) से जुड़े रचनाशिल्पियों (पंजीकृत सदस्य) और नवांकुरों के लिए अब फिर मासिक स्पर्धा हो रही है। यह ‘जन्माष्टमी’ विषय पर आधारित है,जिसमें किसी भी विधा में रचनाशिल्पी अपनी मौलिक रचना २० अगस्त २०१९ तक भेज सकते हैं। यह जानकारी पोर्टल की प्रचार प्रमुख सुश्री नमिता … Read more

हँसी-ठिठोली कर लें आओ

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** दुनिया के कुछ लोग हमेशा, रहते हैं मुरझाए। हँसी-ठिठोली कर लें आओ, हर कोई मुस्काए॥ बीवी जिसकी कद्दू जैसी, वह ककड़ी का भ्राता। चलना पड़ता साथ कभी तो, पति केवल शरमाता॥ पति मोटा होने की खातिर, खाता रोज दवाई। बीवी दुबराने को मिलों, नाप रही लंबाई॥ अक्सर मुझको दिख … Read more

कृष्ण

वन्दना पुणताम्बेकर इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************* जन्माष्टमी विशेष………. कृष्ण एक तुम ही थे, जिसने राधा के दर्द को समझा। राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाये, पर सीता की पीर को ना समझ पाये। मीरा की पीर भी किसी ने ना जानी, वह भी तो थी,कृष्ण की दीवानी। लक्ष्मण को भाया भाई का साथ, ऊर्वशी की तड़प उन्होंने कहाँ … Read more

दोगली नीतियाँ और दोहरे मापदंड घातक

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** हमारे देश में दोहरे मापदंड अपनाये जाते हैं,यानी हम दोगले हैं। एक तरफ सरकार जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करती है,और दूसरी तरफ उर्वरक,रासायनिक औषधियों पर जोर देती है। एक तरफ शाकाहार पर बल देती है,तो दूसरी तरफ पिंक क्रांति के नाम पर मांस निर्यात में हम विश्व में पहले क्रम … Read more

दिखी घाटी में मुस्कान

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** सालों,सालों में दिखी, घाटी में मुस्कान। पाथर भी गाने लगे, आज नेह के गान॥ गीत नेह के भर गये, ऊँचा माँ का भाल। हरियाली घाटी हुई, जो थी खूं से लाल॥ एक हमारा ध्वज हुआ, उपजा एक विधान। जग में उजली हो गई, भारत की पहिचान॥ परिचय-डॉ.विद्यासागर कापड़ी का सहित्यिक … Read more

पाक चिल्लाया

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ देशभक्ति है, परत दर खुली नौटंकी धुली। शोर-शराबा, काम नहीं है आया पाक चिल्लाया। सच का मित्र, वही हो सकता है कष्ट का इष्ट। ढोल की पोल, खोली मोदी-शाह ने पाक न बोल। राहु लगा कि, वायनाड़ चीखता बाढ़ हांलांकि। बाढ़ का देश, हर साल है आती कार्य न वेश। … Read more

बीती ताहि बिसारि दे,आगे की सुधि लेइ

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन  ८ अगस्त को ८ बजने का पूरे भारत सहित विश्व को इंतजार था। सभी की नज़रें टी.वी. चैनल्स की तरफ थी। भारतीय गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुनने के लिए पूरा विश्व बैठा था। भारत के संविधान में एक बड़े परिवर्तन के बाद … Read more

मन की शक्ति

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** मन के हारे हार है,मन के जीते जीत। मन में दृढ़ संकल्प हो,बने वही फिर मीत॥ मन तो एक तरंग है,बहता है दिन-रात। रुके नहीं रोके कभी,बनती कैसे बात॥ पंछी जैसी चाल है,करे नहीं आराम। मन ऐसा है बावरा,फिरता सुबहो-शाम॥ मन चंचल तन सारथी,चलते हैं दिन रैन। रोके … Read more

चीनी चीजों का बहिष्कार हो

अमल श्रीवास्तव  बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* देख रहे हो वह बौना, इस भारत को ललकार रहा। मानो जुगनू ताल ठोक कर, सूरज को फटकार रहा॥ सुई नोंक जैसी आँखें, हमको इस तरह दिखाता है। ज्यों मृग शावक नभ छूने, चौकड़ी-छलांग लगाता है॥ मेरे हिंदुस्तान में भी, नादान लोग कुछ रहते हैं। जो सस्ते के चक्कर में पड़, … Read more