उसी से पूछना होगा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** आसमां देखना चाहे खुद अपनी ऊंचाईयां अक्स समुद्र की गहराईयों में देखना होगा, आफताब में एहसास नहीं दिल की आग का… दहकते अंगारों को हाथों में लेना ही होगा। बहते किन आँसूओं में दिल का दर्द छिपा है खून के कतरे को आँखों में खोजना होगा, पीठ में खंजर घोंप … Read more

माँ और पुत्री

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** माँ पुत्री को देती पुस्तक पढ़-लिखकर बनो महान। अच्छी-अच्छी बातें सीख कर सच में बनना है इंसान। दुनिया की इस भीड़ में खो जाना न तुम कहीं- कदम-दर-कदम अभी तो चढ़ने हैं तुम्हें कई सोपान। परिचय : अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ की जन्मतिथि-४ फरवरी एवं जन्मस्थान-नालन्दा में बिहार शरीफ है। आपकी  शिक्षा एम.एस-सी.(वनस्पति … Read more

बहुत याद आ रही है माँ

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** बहुत याद आ रही है माँ। जीना सिखला रही है माँl स्वयं पीकर कड़वाहट वो, मीठा दूध पिला रही है माँl भटक ना जाएँ हम कहीं, आँचल में छिपा रही है माँl अत्यंत थक चुका हूँ तभी, अपने पास बुला रही है माँl राष्ट्रहित व देशप्रेम कर … Read more

पैसा बोलता है

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* पैसा ईश्वर तो नहीं,नहीं ईश से न्यून। जग में पैसा बोलता,रिश्ते सनते खूनll ईश्वर भी है वो बड़ा,जिस पर चढ़े करोड़। जग में पैसा बोलता,रिश्ते पीछे छोड़ll पैसे से पद बिक रहे,पैसे से सम्मान। जग में पैसा बोलता,बिकते हैं ईमानll वैवाहिक रिश्ते बिकें,कहते नाम दहेज़। जग में पैसा बोलता,धन से सेज … Read more

हे माँ,मुझको ऐसा वर दो

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** हे माँ मुझको ऐसा वर दो। मैं व्याकुल हूँ संताप हरो। स्वीकार करो अम्बे मुझको। आया चरणों में मातु सुनो॥ ले लो सुध माँ मैं आहत हूँ। पीरा हर दो मैं शंकित हूँ। नौका जलधारा में उलझे। कैसे भव से नौका सुलझे॥ माता अब आओ आस करुं। तेरे बिन कैसे … Read more

माँ तुम..

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* माँ तुम सूखी रोटी ही सही,पर मीठी तो हो माँ तुम नए संचार न सही,पर चिट्ठी तो हो, चिट्ठी जिसमें लिखी जाती थी सबको याद बड़ों को कुशल मंगल छोटों को आशीर्वाद, मिल जाता था रूह को पानी तन को खाद खुद की गुलामी न थी घूमते थे बस … Read more

उम्मीद

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** आज फिर सोमेश बाबूजी डाक घर के सामने उदास बैठे दिखे। डाक बाबू ने उन्हें अंदर बुलाया और कहा,-“बाबूजी,आप दो बरस से डाकघर बिना नागा किये आ रहे हैं। आखिर वो कौन- सी चिट्ठी है,जिसका आपको आने का इंतजार है ?आप रोज चार किलोमीटर पैदल चलकर डाकघर आते हैं और थककर … Read more

तुम्हें लापता घोषित किया जाएगा

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** न जाने कब बारिश हो धरती जगह-जगह से दरक रही है, बूँद-बूँद पानी को तरसी जुबान कुलबुलाती आँतें, बारिश हो भी जाए तो क्या बह जाएंगे, थाली और लोटे भीगी,ठिठुरती देह पर कौन छाएगा छप्पर ? भूख के आगे, कौन रख देगा रोटी ? वे पहुंचेंगे जरूर तब … Read more

मजबूर

हेमा श्रीवास्तव ‘हेमाश्री’ प्रयाग(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* कुदरत को सभी फैसले मंजूर होते हैं। माँ-बाप भला बच्चों से कब दूर होते हैं। फुर्सत नहीं रही हमें उनकी फिकर करें- वो तो हमारी फिक्र में मजबूर होते हैं।

मेघ

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* सूर्य की तपन से तप रहा घर आँगन, झुलस रहा तन,मन हो रहा बैचेन; बीता अषाढ़ आने को है सावन, न जाने कौन से देश बदरा चले गए। देख रहा ऊपर अन्नदाता,अन्नदाता को, कब बरसोगे कब बोयेगें धान,सूख रहे खेत खलिहान; जो समय पर न बरसोगे,बर्बाद हो जाएगा … Read more