स्वच्छता अभियान की धज्जियाँ मत उड़ाइए

डॉ.शशि सिंघल दिल्ली(भारत) ********************************************************************************* आजकल किसी पेड़ की हालत तो देखिए,जो आप और हमारे द्वारा डाली गई गंदगी को अपने आँचल में समेटे अपनी बेबसी पर आँसू बहाने को मजबूर है। आखिर वह अपना दु:खड़ा कहे तो किससे कहे ? ऐसी दुर्दशा सिर्फ एकाध ही पेड़ की नहीं,बल्कि आप जिस क्षेत्र में भी जाएंगे,वहीं जगह-जगह … Read more

चूं चूं का जीत ए जश्‍न

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** चुनाव हो गया। चच्‍चा ने भी अपना दूसरा चक्‍कर पार्क का लगाया और बुढ़ापे को जवानी में बदलने वाले उसूल के तहत जूस का एक गिलास गले से नीचे उतारा और फिर पार्क से बाहर निकल लिए। घर जाकर नहा-धोकर तैयार हुए और सेन्‍ट फेंका शरीर पर,जूती पहनी और … Read more

मेरा प्यारा विक्कू

अलीशा सक्सेना इंदौर (मध्यप्रदेश) ********************************************************************************* इस बार गर्मी की छुट्टी में मुझे नानाजी के यहाँ जाने की बहुत ख़ुशी हो रही थी, क्योंकि मुझे मालूम था कि नानाजी ने एक छोटा-सा पप्पी (कुत्ते का बच्चा) पाला है। मुझे पशुओं से बहुत लगाव है। रास्तेभर मैं उसके बारे में सोचती रही,पर मेरी छोटी बहन अर्शी को … Read more

तेरा वजूद

ऋतुराज धतरावदा इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* नहीं जानती है तू कहाँ तक फैला है तेरा वजूद, फूलों की खुशबूओं दिल तक छूते हर इक स्पर्श, गोधूली से नहाती साँझ चौके से उठती भीनी-सी लहर, धुँध में डूबी सुबह मस्ज़िद की पहली अज़ान मंदिरों की संध्या आरती, पहाड़ी नद के नाद चीड़ के जंगल में झाँकती किरण बूँदों … Read more

विकास की लहर

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** राजनीति बदेलगी बदलेगा हिन्दुस्तान हमारा, सत्य का साम्राज्य होगा विश्व में हो भारत प्यारा। भष्टाचार का तिमिर हटेगा,चहुँओर हॊगा उजियारा, ईमानदारी की सरकार बनेगी,विकास का परचम लहराए। योगी की छाया,मोदी का साया,साथ सदगुरू का होगा, माया है आनी-जानी,सत्य का प्रकाश होगा। दुर्ग की रानी है चंचल चित्त में छाई उदासी है, … Read more

प्रासाद

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** यात्रा के दौरान देखे कई प्रासाद, कुछ प्रासाद अपनी कहानी कहता हुआ प्रतीत हुए, तो कुछ की दीवारों में कैद कितने राज लगेl प्रासाद के झरोखे से झाँकती हवा पुरवाई, अंदर दरवाजों में छुपा रहस्य, हर ईंट की अपनी बयानी काश बाँट ले कोई, उन सदियों की दबी कहानीl कभी … Read more

ऐसी अमर कहानी हो

प्रेक्षा डॉन गोधा ‘परी’ दुर्ग (छत्तीसगढ़) ************************************************************* ऐसी अमर कहानी हो माँ ऐसी अमर कहानी हो, एक ऐसा इतिहास रचाऊँ सबके मन को मैं भा जाऊं। हर कोई बनना चाहे बिल्कुल मेरे जैसा, ऐसी अमर कहानी हो माँ ऐसी अमर कहानी होll जब बात हो संस्कारों की सब लोग मेरा उदाहरण दें, जब बात हो … Read more

प्रीत को हर बार लिखता हूँ…

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** तुम्हारे प्यार का मैं श्रृंगार लिखता हूँ। तुम्हारी प्रीत को मैं हर बार लिखता हूँ। मैं जानता हूँ मैं मानता हूँ ये सब तो, इसलिए तुम पर मेरा अधिकार लिखता हूँ। मेरे प्यार की तुम मधुर-मधुर वो पीर हो। तुम वेदना का आँखों से बहता नीर होl दिल के भावों से … Read more

गुपचुप निमंत्रण

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** आज मुझको मिल रहा है प्यार का गुपचुप निमंत्रण, कौन समझेगा कि मन की चाह पूरी हो रही है। क्यों किसी की राह देखूं पथ में आँखें बिछाये, क्यों किसी के सामने बैठूं बनूं उसका पुजारी। क्यों लिखूं पाती किसी को, प्यार का संदेश लिखकर जबकि करता रुप ही खुद, … Read more

बेटी

सुरेश चन्द्र सर्वहारा कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** भेदभाव अपमान को,कदम-कदम पर झेलl फिर भी बेटी बढ़ रही,ज्यों-त्यों जीवन ठेलll कह सकते उनको नहीं,कभी सभ्य परिवारl खाती हो जिनके यहाँ,बेटी गाली मारll करें भरोसा बेटियाँ,बोलो किस पर आजl कामुकता में लिप्त जब,घर परिवार समाजll बेटी को देवी समझ,भले न पूजें पाँवl लेकिन घर में तो उसे,दें सम्मानित ठाँवll … Read more