आत्मजा

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* आत्मजा खंडकाव्य से अध्याय-१० आइ.ए.एस. बनने का सपना, अपने से हो चला हताहत जहाँ प्यार की बजी दुंदुभी, सिमट गई उसकी हर चाहत। फिर भी था संकल्प हृदय में, काम नया कर दिखलाने का जो न सहज कर पाती बेटी, ऐसा ही कुछ कर जाने का। तुरत पुस्तकों में लग जाती, … Read more

अगस्त का मस्त महीना

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** अगस्त माह की बात निराली, चहुंओर छा जाती हरियाली। लेकर आता ये रक्षाबंधन त्योहार, हर्षित करता बहन-बेटी का प्यार। घर की रौनक जब घर में आती, आँगन कली-कली खिल जाती। किलकारी से गुंजित होता आँगन, जैसे उल्लसित हो उठे धरा-गगन अगुवाई में बाजार हो जाते गुलजार, जैसे सालों से हो बहनों … Read more

एक बार

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* यूँ ही कभी थककर एक बार जीवन की उलझनों से दूर, जीना चाहती थी स्वच्छंद,एक बार। चल पड़ी थामे प्रियतम का हाथ, जीवन से मिलने छोड़ घर-बार। पहुँच गयी स्वप्न लोक में, झूल रही थी बाँहों के झूले में,एक बार। होकर भाव-विभोर,ख़ुशबू थी चहुँओर, मिल रही थी प्रियतम … Read more

सरकारी भिखारी

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** भिखारी कहूं कि लुटेरा या घूसखोर, जादूगर कहूं कि खेलवाला या चोर। सरकारी काम का भी अजीब ढंग से लेता है पैसा, एक हस्ताक्षर भी ईमान से नहीं गरीबों की ओरll कैसा कर्मचारी-कैसा अधिकारी,कैसा है इंसान, शपथ-पत्र ईमानदारी का भरता भी है बेइमान। कहता है-रिश्वत नहीं लूंगा कभी … Read more

गुफ्तगू

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* आज अरसे बाद, उनसे यूँ बात हुई कुछ उन्होंने कही, तो कुछ हमने कही। सिलसिला गुफ्तगू का, यूँ ही चलता रहा कभी शिकवे-शिकायतों का दौर चला, तो कभी हकीकत बयाँ हुई अपने जमाने की। अचानक बातों-बातों में पूछ लिया उन्होंने, सुना है खूब लिखती हो तुम…! क्या शब्दों में … Read more

सावन है आया

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ बम-बम भोले, कोई शिव बोले सावन है आया, सिर पे जटा है चंदा की छटा है गंगा को समाया, शिव की शक्ति है मन में भक्ति है, सावन जो लाया, हे ओंकारेश्वर हे महाकालेश्वर सबको है भाया, कालों के हो काल प्रभु महाकाल कष्टों को भगाया, हर-हर गूंजे घर-घर बूझे … Read more

काश! तुम होते

डॉ.समृद्धि शर्मा जयपुर(राजस्थान) ************************************************************* आज उदास है दिल बहुत, काश! तुम होते मेरे पास तो कह देती अपनी तमाम अनकही बातें तुम्हें… ये सोचकर,कि अब ये मेरी फिक्र नहीं,बल्कि तुम्हारी हैl काश तुम होते मेरे पास… तो ये शाम,जो आज उदास है बहुत, वो तेरी बाँहों के घेरे में सुरमई हो उठती जो चाँद निकला … Read more

जीवन पथ

भोला सिंह बलिया(उत्तरप्रदेश)  ***************************************** जीवन में नित बढ़ना होगा, समय के साथ बदलना होगा। हवा रूपी इस जीवन में, तूफानों के साथ चलना होगा। जीवन में नित बढ़ना होगा… प्रकृति के विचार में नित, दिन पर दिन अब ढलना होगा। पग-पग पर बाधा पार करके, समय के साथ अब चलना होगा। जीवन में नित बढ़ना … Read more

ज़िन्दगी का मतलब

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** ज़िन्दगी का मतलब, सिर्फ मतलब के लिये ही न हो। ज़िन्दगी का मतलब, वृक्ष की तरह हो जड़,पत्ती,शाखा, फूल और फल… सभी कुछ,सभी के लिये। ज़िन्दगी का मतलब, दीपक की तेल-बाती की तरह हो खुद ख़त्म होता चले… पर,सबको रोशनी देता रहे। ज़िन्दगी का मतलब, सिर्फ जन्म लेना और मर … Read more

सच में महादेव हो तुम

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** ॐनमःशिवाय पंचाक्षरी मंत्र है, जपे जो शान्ति पावे। महामृत्युंजय मंत्र जाप से, अकाल मृत्यु कट जावे। कालों के महाकाल हो, सच में महादेव हो तुम। करते दया तुम सब पर, भोले हो औघड़ दानी। जटों विच गंगा बहाते, भोले भस्मी को अंग रमातेl तुम देवों के देव कहाते, सच में महादेव … Read more