दुःखी किसान
प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** इस भयंकर वर्षा ने पकी फसल को सुला दिया, उस गरीब किसान को इसने मार के रुला दिया। जो अपना कर्म समझ के पी रहा चोटों का दर्द, आज उस अन्नदाता को ईश्वर ने भी भुला दिया॥ वर्षा के कितने रुप,कभी अमृत तो कभी जहर, लेकर आई यह विनाशी अंधकार,मचाया है … Read more