सौगात
पंकज भूषण पाठक ‘प्रियम’ बसखारो(झारखंड) *************************************************************************** (रचनाशिल्प:१२२ १२२ १२२ १२२) नज़र की नज़र से मुलाकात होगी, दिलों की दिलों से तभी बात होगी। कभी जो नज़र ये हमारी मिलेगी, यकीनन सितारों भरी रात होगी। मिलेगी नज़र जब हमारी तुम्हारी, सुहानी सहर और जवां रात होगी। चलेंगे तुम्हें साथ लेकर सफ़र जो, हमारी डगर फूल बरसात … Read more