देश पर मिटना सौभाग्य

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** प्राकृतिक आमन्त्रण है संघर्ष, स्वीकार करने पर होता है हर्ष। बचपन जवानी की खबर नहीं, जीवन बीत जाता वर्ष प्रतिवर्ष। प्रत्येक पल स्मरण हो प्रभु का, अंतर कहां रहते धरा क्या अर्श। नशा तो मात्र राष्ट्रभक्ति का है, बाकी सब फीके गांजा व चर्स। देश पर मिटना … Read more

कोई कैसे समझे

डॉ.अमर ‘पंकज’ दिल्ली ******************************************************************************* (रचनाशिल्प:१२२ १२२ १२२ १२२) कोई कैसे समझे मुसीबत हमारी, मुझे तो पता है विवशता तुम्हारी। सिमटती हुई रौशनी के सहारे, सफ़र है तुम्हारा अँधेरों में जारी। कभी मत कहो ये कि मजबूरियाँ हैं, अँधेरों से लड़ने की आई है बारी। अँधेरों से लड़ते रहे तुम अकेले, सभी सूरमाओं पे तुम ही … Read more

अब क्या बचा है गाँव-सा

दौलतराम प्रजापति ‘दौलत’ विदिशा( मध्यप्रदेश) ******************************************** आज अनबन क्या हुई घर बार से, लोग आ कर लग गए दीवार से। कौन जिम्मेवार है इस जुर्म का, राज साया हो गए अखबार से। गाँव में अब क्या बचा है गाँव-सा, ला रहे हैं ढूध हम बाजार से। योजनायें क्या हुई सरकार की, पूछियेगा जा के लंबरदार से। … Read more

इंसानियत है ही कहां ?

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** इंसानियत है ही कहां,जो शर्मसार हो, सचाई लुप्त होगी बिका कलमकार हो। आशा क्या करोगे लोकतंत्र से तुम सारे, जब चारों स्तम्भों में व्याप्त भ्रष्टाचार हो। घुटने सत्य ही टेक देगा एक दिन जहां, सत्य मेव ज्यते जैसी बेबस सरकार हो। यथार्थ मेरा झूठी गढ़ी कहानी बन … Read more

ब़ुत बनाकर

डॉ.अमर ‘पंकज’ दिल्ली ******************************************************************************* (रचना शिल्प:२१२२ २१२२ २१२२) ब़ुत बनाकर रोज ही तुम तोड़ते हो, कर चुके जिसको दफ़न क्यों कोड़ते हो। अब बता दो कौन सी बाक़ी कसक है, आज फिर क्यों सर्द साँसें छोड़ते हो। ख़्वाब सबने तो सुहाने ही दिखाए, बन गई नासूर यादें फोड़ते हो। एक मन मंदिर बना लो उस … Read more

शांति को दिल में बसाना चाहते हैं

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** शांति को दिल में बसाना चाहते हैं। भक्तिमय संगीत गाना चाहते हैं। नफ़रतें जग से मिटा कर यार हम तो, प्रेम की गंगा बहाना चाहते हैं। लोग के दु:ख दर्द का उनको पता है, देश में वो क्रांति लाना चाहते हैं। जो हमारे साथ चलते हैं हमेशा, हम उन्हें … Read more

तुम रुलाना नहीं

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* मीत हमको कभी तुम सताना नहीं, दूर जा कर हमें तुम रुलाना नहीं। जी न पायें सजन हम बिना आपके, जान कर तुम हमें आजमाना नहीं। जी रही हूँ तुझे देख कर साजना, तुम नहीं तो कहीं भी ठिकाना नहीं। तुम मुझे यूँ सदा ही हँसाया करो, हाँ कभी तुम … Read more

सच्चाई झलक जाये

सूरज कुमार साहू ‘नील` भोपाल (मध्यप्रदेश) ****************************************************************** चल मैं कुछ करता हूँ सच्चाई झलक जाये शायदl मेरे लिए तेरे दिल में अच्छाई झलक जाये शायदl झूठों का सहारा लेकर आया होगा यदि शहर मेरे, मेरे अपने को भी छिपी बुराई झलक जाये शायदl हँस-हँस कर गले मेरे पड़ा रहता है हरदम जो तू, आज नहीं … Read more

उन्हें मेरा ख्याल आता तो होगा

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* उन्हें मेरा ख्याल आता तो होगाl मेरे ग़म पर मलाल आता तो होगाl गहे उनके मुकाबले इत्तफाकन, कोई मेरा सवाल आता तो होगा। कमाले जिंदगी उनको है हासिल, कभी उन पर जवाल आता तो होगा। गहे सुनकर मेरी पा मालियों को, मोहब्बत में उबाल आता तो होगा। कभी उस बेवफा … Read more

लो चाँद निकल आया

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’  इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************************** हर सिम्त मुसर्रत है रौनक़ है फ़िज़ाओं में, लो चाँद निकल आया यादों की घटाओं में। दीदार करूँ तेरा,तू सामने अब आजा, बीता है माहे रमज़ा,हर वक़्त दुआओं में। आ ईद मना लें अब,मिल जाएं गले जानम, दस्तूर निभाएं हम ये इश्क़ के गाँव में। मैं सजदा करूँ … Read more