देश की दिनचर्या के नियोजन की जरूरत

ललित गर्गदिल्ली ****************************************************** राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने पहली बार ऐसा सर्वे करवाया है जिससे पता चलता है कि देशवासी रोज के २४ घंटों में से कितना समय किन कार्यों में बिताते हैं। यह समय उपयोग सर्वे पिछले साल जनवरी से लेकर दिसम्बर के बीच हुआ और इससे कई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं जो आगे … Read more

विचारों के बिना जीवन सम्भव नहीं

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* बिना विचारों के जीवन तो सम्भव है। सम्भवतः जानवर भी अपना जीवन यापन करते हैं,जबकि जानवरों को विचार नहीं आते,परंतु मानव जीवन विचारों के बिना सम्भव नहीं है। आवश्यक यह भी नहीं है कि मानव आकृतियों में दिखाई देने वाले समस्त इंसान मानव ही हों।विचार मानव जीवन का … Read more

सब नश्वर,चरित्र कमाएं

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जिनसे भी जन्म लिया,उसका अंत भी निश्चित है। मनुष्य मन के कारण ही मानव कहलाता है। जबसे मानव का प्रादुर्भाव हुआ,उसमें पाप यानी हिंसा,झूठ चोरी,कुशील और परिग्रह के साथ चार कषायों(क्रोध मान,माया लोभ यानी राग द्वेष) की युक्तता है। मनुष्य किस पर मद करता है- ज्ञानं पूजां कुलम जातिं बलमृद्धिं तपो वपुः।अष्टावाश्रित्य मानित्वं … Read more

देवनागरी लिपि:पथ की बाधाएँ और उपाय

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)**************************************************** यह सर्वमान्य तथ्य है कि यदि हमें अपनी भाषाओं का प्रचार-प्रसार करना है तो भाषा के साथ-साथ इनकी लिपियों को बचाए रखना भी अत्यंत आवश्यक है,लेकिन कई वर्षों में यह देखने में आ रहा है कि हिंदी ही नहीं,अन्य ऐसी भाषाएं जो देवनागरी में लिखी जाती हैं,उन्हें भी ज्यादातर लोगकम्प्यूटर,मोबाइल तथा … Read more

यदि ‘लव’ है तो ‘जिहाद’ कैसा ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** ‘लव जिहाद’ के खिलाफ उप्र और हरियाणा सरकार कानून बनाने की घोषणा कर रही है और ‘लव जिहाद’ के नए-नए मामले सामने आते जा रहे हैं। फरीदाबाद में निकिता तोमर की हत्या इसीलिए की गई बताई जाती है कि उसने हिंदू से मुसलमान बनने से मना कर दिया था। उसका मुसलमान प्रेमी … Read more

शक्ति पुंज हैं हम

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’बहादुरगढ़(हरियाणा)***************************************************** मनुष्य की शक्ति का एहसास स्वयं उसके सिवा और कौन कर सकता है ? अपने अन्दर की ऊर्जा को तभी जान पाएंगे,जब आप उमंग से भर कर कुछ नया करने की ठान लेंगे। विभिन्न वैज्ञानिकों ने बहुमूल्य खोजों से जहाँ जीवन को इतना आसान बना दिया तो उसके पीछे उनके अंतर्मन की … Read more

छुईमुई बनता समाज

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)*********************************************** उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंदिर में नमाज पढ़ऩे के जुर्म में फैसल खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। फैसल और साथियों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद साहिब का कार्टून प्रकाशित करने की घटना के बाद इतना विवाद भड़का कि,यूरोप के बाकी हिस्से भी जिहादी … Read more

सवाल अवश्य करना चाहिए कि,अपराध क्यों ?

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ***************************************************** आजकल हमारे चारों ओर का वातावरण अपराधमय हो गया है। वर्तमान समय में किसी भी दिन के समाचारों पर ध्यान दिया जाए तो अपराधिक समाचार ही अधिक देखने व सुनने को मिल रहा है। विश्वास,सत्य,निष्ठा,कर्तव्य व परोपकार जैसे शब्द अब बोलचाल एवं सजावट की वस्तु प्रतीत होने लगें हैं। सत्यनिष्ठ … Read more

‘कोरोना’ का द्वन्द्व-ईश्वर या विज्ञान

डॉ. वरुण कुमारदिल्ली****************************** यह ‘तालाबंदी’ काफी लंबी खींची गई है और उसके बाद धीरे-धीरे खोलने (अनलॉक) की कोशिशें चल रही हैं। जब यह शुरू हुई थी तो नई स्थिति और नई चुनौती ने कई तरह से मनुष्य को उद्धेलित किया था-भय,बेबसी,गुस्सा,संवेदना,भविष्य में क्या होगा इसकी आशंकाएं आदि। इसने नए सिरे से एक वैचारिक प्रश्न को … Read more

परिष्कृत जीवन शैली ही अध्यात्म

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** आध्यात्म के विषय में लोगों के बीच काफी भ्रामक धारणा बनी हुई हैl वास्तव में अध्यात्म स्वयं को पहचानने की एक विधा है,परिष्कृत जीवन-शैली है और स्वयं के विकारों का शमन है,जो कहीं पर भी हो सकता हैl इसके लिए एकान्तवास‌,वनवास अथवा हिमालय की ‌तलहटी जरूरी नहीं हैl जीवन के किसी भी … Read more