सुहानी शाम

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* शाम सुहानी आ गई,पंछी करते शोर। लौट रहे हैं नीड़ को,बाँध प्रीत की डोरll बैलों की घंटी बजे,जस वृन्दाबन धाम। ग्वालों की टोली लगे,संग श्याम…

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सिसकता किसान

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** गर्मी की इस मार में,रोते आज किसान। बिलख रहे हैं भूख में,धरती के भगवानll देखो हाहाकार है,सिसक रहे हैं लोग। धरती सूखी खेत…

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रे कपूत!अब भी संभल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** गाली दे दे एक को,तुम बना दिये स्टार। जनता अब बुद्धू नहीं,जीते चौकीदारll गाली दे थकते नहीं,बहुसंख्यक को आज। लोकतंत्र है शर्मसार,बन वोट…

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मतदान जागरूकता

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* जागरूक होकर करो,मतदाता मतदान। राजधर्म निर्वाह को, करिये ये शुभदानll सब कामों को छोड़कर,करना है यह काम। एक दिवस मतदान का,बाकी दिन आरामll सही करो मतदान…

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भू तू बड़ी महान

नवीन कुमार भट्ट नीर मझगवाँ(मध्यप्रदेश)  ************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… पावन धरती मात को,है वंदन बारम्बार। गौरव की गाथा लिखी,गूँजे जय जयकारll धरती माँ के गोद से,निकली सीता मात। तेरी…

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करो धरा से प्यार

सुनीता बिश्नोलिया चित्रकूट(राजस्थान) ****************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… कानन-नग-नदियाँ सभी,धरती के श्रृंगार। दोहन इनका कम करें,मानें सब उपहार॥ अचला का मन अचल है,डिगे न छोटी बात। पर मानव का…

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धरती से है इंसान

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… धरती अपनी धारिणी,माता रूप समान। करो वन्दना प्रेम से,इनसे हैं इंसान॥ इनमें हैं सारा जहां,सारा हिंदुस्तान। तिलक लगा…

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हरियाली गुम हो चली

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… मौसम में है अब कहाँ,पहले जैसी बात। जाड़े में जाड़ा नहीं,गलत समय बरसात॥ मौसम तो बरसात का,किन्तु बरसते नैन।…

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मन भर सोना दान

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** मंदिर में करते बहुत,मन भर सोना दान। भूखा खातिर है नहीं, एक अदद पकवान।। भगवन तो खाते नहीं,उन्हें चढ़े पकवान। जिनको को रोटी चाहिए,उन्हें…

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चुनावी समर

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सारे भारत वर्ष में,धूम मची है आज। चलो करें मतदान अब,करते हैं शुभ काजll घर-घर माँगे वोट को,करके वादा आज। समय बीत फिर…

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