भाषा बोलें प्रेम की
अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ भाषा बोलें प्रेम की,बैरी बनते मीत।प्रेम भाव सब में रहे,जग की हो यह रीत॥ भाषा कोई भी रहे,करें सभी सम्मान।भाषा हिंदी देश की, हमको है अभिमान॥ भाषा ऐसी बोलिए,जो मन को ले जीत।सत्य वचन हम बोलते,यही हमारी रीत॥ कड़वी भाषा छोड़ दें,मीठे-मीठे बोल।पत्थर भी तो खिल उठे,बन जाये अनमोल॥ भाषा संस्कृत ही … Read more