गुजरात:आईना ही बदल डाला…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** गुजरात में भाजपा ने पूरा मं‍त्रिमंडल तो क्या आईना ही बदल डाला है। इस महाबदलाव में कई खतरे निहित हैं। बड़ी कामयाबी और उससे भी बड़ी नाकामयाबी के भी। भाजपा का गढ़ बन चुके गुजरात में नए और पहली बार मुख्‍यमंत्री बने भूपेन्द्र पटेल के मंत्रिमंडल में ‘पूरे घर के बदल डालूंगा’ … Read more

दुष्कर्म:जागरूकता के साथ पारिवारिक सहयोग आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जितने हम सभ्य बनते जा रहे हैं,उतने अधिक हम असभ्य हो गए हैं। विरुद्ध लिंग के प्रति आकर्षण होना स्वाभाविक है,पर आजकल इसने रोग का रूप ले लिया है़। इसने इतनी विद्रूपता का रूप धारण कर लिया है़ कि,नारी अब घर में भी सुरक्षित नहीं है। यौनाचार के प्रकरण घर में और निजीयों … Read more

‘हिंदी दिवस’ की औपचारिकता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हिंदी दिवस विशेष…… ‘हिंदी दिवस’ हम हर साल १४ सितंबर को मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन १९४९ को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा बनाया था,लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि हिंदी वास्तव में भारत की राजभाषा है भी या नहीं ? यदि हिंदी राजभाषा होती तो कम से कम भारत का … Read more

भावी पीढ़ी को शिक्षकों का महत्व बताना होगा

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** शिक्षक:मेरी ज़िंदगी के रंग’ स्पर्धा विशेष….. सर्वप्रथम तो ‘शिक्षक दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति व द्वितीय राष्ट्रपति शिक्षाविद,महान दार्शनिक,भारत रत्न डॉ. राधाकृष्णन सर्वपल्ली का जन्मदिवस पूरे भारत में ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। हमारे देश भारत की संस्कृति के अनुसार तो माता- पिता,गुरु और शिक्षक … Read more

आए गणेश संकट हरने

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** गणेश चतुर्थी विशेष…. हर भाद्रमास की शुक्ल चतुर्थी का प्यारा दिन जब भी आया,हर्षित होता मन ये बनके गणेश चतुर्थी का दिन आया।हर भाद्रमास की शुक्ल चतुर्थी… वो विघ्नहर्ता संकट हरते,हर काम सफल सबके करते,मोदक प्यारा उनको है बहुत,मूषक की सवारी जो करते।हैं एक दन्त वो दयावंत हर जीवन … Read more

राष्ट्रभाषा की आवश्यकता क्यों ?

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** हमारे देश को आजाद हुए ७४ वर्ष हो चुके लेकिन आज तक हम अपनी मातृभाषा को राजभाषा तक नहीं बना पाए। संविधान में स्पष्ट लिखा था कि हिन्दी राजभाषा के रुप में स्थापित होगी,लेकिन अंग्रेजों के चाटुकारों ने ऐसा होने नहीं दिया। यदि उसी समय इसके प्रति सख्ती बरती जाती तो आज … Read more

कट्टरपंथ का अंधानुकरण न करें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया डॉ.मोहन भागवत ने एक सभा में कहा कि मुसलमान नेताओं को कट्टरपंथियों के खिलाफ दो-टूक रवैया अपनाना चाहिए। यह भी कहा कि यह ऐतिहासिक सत्य है कि भारत में इस्लाम विदेशी हमलावरों की वजह से आया है,लेकिन साथ-साथ यह भी कहा कि सारे भारतीयों का डीएनए एक … Read more

क्षमापना का अर्थ-क्षमा मांगना और करना भी

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) *************************************** क्षमापना पर्व विशेष….. ‘मुझे क्षमा कर दीजिए,मेरी वजह से आपको दुःख पहुँचा’ यह कहना बड़े साहस का काम है। शायद इसी लिए ‘क्षमा को वीरों का आभूषण’ कहा गया है। क्षमा करना उतना कठिन नहीं है,जितना क्षमा मांगना। गलती करना मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। हम सभी अहंकार या प्रमादवश गलती करते … Read more

सभी पर्वों का राजा पर्यूषण पर्व

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************** दसलक्षण पर्व-उत्तम क्षमा (१०सितम्बर)विशेष… यह सभी पर्वों का राजा है। इसे आत्मशोधन का पर्व भी कहा गया है,जिसमें तप कर कर्मों की निर्जरा कर अपनी काया को निर्मल बनाया जा सकता है। पर्यूषण पर्व को आध्यात्मिक दीवाली की भी संज्ञा दी गई है।दुनिया के सबसे प्राचीन धर्म जैन धर्म को श्रमणों का धर्म … Read more

शिल्पाचार्य भगवान विश्वकर्मा

मंजू भारद्वाजहैदराबाद(तेलंगाना)******************************************* पृथ्वी के निर्माण के संबंध में २ तरह के दर्शन बताए जाते हैं। एक है वैज्ञानिक दर्शन,जिसमें वनमानुष से मनुष्य के विकास का दर्शन और दूसरा है अध्यात्मिक दर्शन। पृथ्वी के निर्माण के समय अनेक प्रकार के देवी-देवता विद्यमान थे। उन्हीं में से भगवान विश्वकर्मा का भी प्रादुर्भाव हुआ,जो पृथ्वी पर शिल्पकला विज्ञान … Read more