केदारनाथ सिंह की काव्य संवेदना-विविध पक्ष

डॉ. दयानंद तिवारीमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************ केदारनाथ सिंह के काव्य में पर्यावरणीय चिंता, प्रकृति और जीवन के उल्लास का अहसास तो है ही,हिंदी काव्य धारा में गीतकार के रूप में कवि जीवन की शुरुआत करने वाले केदारनाथ सिंह की काव्य संवेदना अत्यंत विशिष्ट रही है। वे अपने समय के पारखी कवि हैं और उनका कालबोध ही उनके … Read more

राष्ट्रपति जी का न्याय की भाषा पर बड़ा बयान,अदालतों में अंग्रेजी की गुलामी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत की न्याय-प्रणाली के बारे में ऐसी बातें कह दी हैं, जो आज तक किसी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री ने नहीं कही। जबलपुर(मप्र) में न्यायाधीशों के एक समारोह में उन्होंने कानून,न्याय और अदालतों के बारे में इतने पते की बातें यों ही नहीं कह दी हैं। लगभग ५० साल … Read more

महाकाल:अमरत्व की प्राप्ति

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ महाशिवरात्रि विशेष………… यह हमारी अवंतिका नगरी(उज्जैन,मप्र) की यात्रा का वृतांत है। वह नगरी जो हमारी आस्था का प्रतीक है। सत्यम,शिवमऔर सुंदरम के भावों को अपने में समेटे अर्थात स्वयं भगवान शिव की नगरी है। इस वृतांत में आपको उज्जैन की भौगोलिक स्थिति,ऐतिहासिक,प्राकृतिक सुषमा और आध्यत्मिक,सांस्कृतिक विरासत का कलात्मक संगम देखने को … Read more

शिव तत्व को आत्मसात करता पंचमुखी मंदिर

प्रीति शर्मा `असीम`नालागढ़(हिमाचल प्रदेश)******************************************** महाशिवरात्रि विशेष……….. देव-भूमि हिमाचल में कण-कण में भगवान शिव विराजमान हैं,बस आपको अपने भीतर शिव तत्व को आत्मसात करने की आवश्यकता है। जब आप ईश्वर का साक्षात्कार पा जाते हैं तो फिर आप बाहरी आडंबर,उनकी परिकल्पना से परे हो जाते हैं।हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में नालागढ़ क्षेत्र के अंतर्गत भगवान … Read more

‘बुआ बनाम बेटी’ का राजनीतिक लाभ किसे ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** क्या मतदाताओं से पारिवारिक रिश्ते जोड़ने का चुनाव में राजनीतिक लाभांश मिलता है ? मिलता है तो कैसे और कब तक ? ये सवाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान ‘बंगाल की बेटी’ बनाम ‘बंगाल की बुआ’ या फिर ‘बंगाल का बेटा’ जैसे सम्बोधनों के जरिए मतदाता का मन जीतने … Read more

प्रकृति व धर्म का अनूठा संगम हिमाचल

डॉ.प्रभात कुमार सिंघलकोटा(राजस्थान)************************************ खूबसूरत प्राकृतिक सौन्दर्य,वनस्पति एवं फूलों से महकती रमणिक घाटियां,अलबेले और अनूठे पहाड़ी स्टेशन,मंदिरों के कारण पहचान बनाने वाली देवताओं की भूमि है हिमाचल प्रदेश। बहुसांस्कृतिक,विशाल भौगोलिक विविधता एवं लुभावनी प्रकृति से सम्पन्न प्रदेश की कालका-शिमला रेलवे लाइन तथा कुल्लू का ग्रेट हिमालियन राष्ट्रीय उद्यान को ‘यूनेस्को’ की विश्व विरासत धरोहर सूची में … Read more

कांग्रेसःमरता, क्या नहीं करता ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* कांग्रेस पार्टी आजकल वैचारिक अधःपतन की मिसाल बनती जा रही है। नेहरू की जिस कांग्रेस ने पंथ-निरपेक्षता का झंडा देश में पहराया था,उसी कांग्रेस के हाथ में आज डंडा तो पंथ-निरपेक्षता का है,लेकिन उस पर झंडा सांप्रदायिकता का लहरा रहा है। सांप्रदायिकता भी कैसी ? हर प्रकार की। उल्टी भी,सीधी भी। जिससे … Read more

सफलता और चुनौतियाँ

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ********************************************** चुनौतियाँ कुछ भी हों,कर्म के आगे एक न एक दिन नतमस्तक हो ही जाती हैं। यह कर्मवीर की सहनशक्ति व सहनशीलता पर निर्भर है कि,वह अपनी सफलता प्राप्ति के लिए उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों में धैर्य का कवच कब तक ओढ़े रखते हैं ?सत्य तो यह है कि चुनौतियों … Read more

नारी सशक्त हो उठेगी,बस जरूरत बदलाव और पहल की

निक्की शर्मा `रश्मि`मुम्बई (महाराष्ट्र)********************************************* महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… प्रकृति का बनाया एक सुकोमल शीतल स्पर्श शक्ति के अपार भंडार के रूप में एक सुंदर रचना नारी है। नारी आज समाज के हर क्षेत्र में काम कर रही है, आज वह किसी का मोहताज नहीं है। फिर भी घर- समाज में उन्हें समझौता करना ही पड़ता … Read more

सबकी नजर में स्त्री के लिए सम्मान आवश्यक

दिपाली अरुण गुंडमुंबई(महाराष्ट्र)***************************** महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… विधाता ने सृष्टि का निर्माण किया,उसके केन्द्र में स्त्री को रखा। जिस तरह कुम्हार अपना मटका बनाते वक्त केन्द्र पर गीली मिट्टी रखकर उसे घुमाकर उससे सुंदर नाजुक घट या मटका बनाता है,उसी तरह विधाता ने सृष्टि का निर्माण करते हुए केन्द्र में स्त्री को रखा। इससे यह … Read more