अब कमान राष्ट्रपति के हाथों

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** यदि इस २९१९ के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल जाए और एक स्थिर सरकार बन जाए तो भारतीय लोकतंत्र के लिए इससे बढ़िया बात तो कोई हो ही नहीं सकती। वह सरकार पिछले पांच साल की सरकार से बेहतर होगी,ऐसी आशा हम सभी कर सकते हैं। एक तो … Read more

विकास के लिये पर्यावरण की उपेक्षा कब तक ?

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* आज समग्र मनुष्य जाति पर्यावरण के बढ़ते असंतुलन से संत्रस्त है। इधर तेज रफ्तार से बढ़ती दुनिया की आबादी,तो दूसरी तरफ तीव्र गति से घट रहे प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत। समूचे प्राणि जगत के सामने अस्तित्व की सुरक्षा का महान संकट है। पिछले लम्बे समय से ऐसा महसूस किया जा रहा है … Read more

चुनाव के बाद संभावनाएं क्या-क्या ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** इस १७ वें आम चुनाव के बाद किसकी सरकार बनेगी, उसका स्वरुप क्या होगा,और देश की राजनीति की दिशा क्या होगी,ये सवाल लोगों के दिमाग में अभी से उठने लगे हैं। मतदान का सातवां दौर १९ मई को खत्म होगा, लेकिन विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने जोड़-तोड़ की राजनीति अभी … Read more

आषाढ़ का एक दिन और मल्लिका

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ आषाढ़ का एक दिन मोहन राकेश जी का प्रथम ऐतिहासिक नाटक है,जो रंग शिल्प सम्बन्धी संभावनाओं के नए क्षितिज खोजता प्रतहत होता है। प्रत्येक लेखक का अपना जीवन दर्शन होता है,जिसे वह जीवन के विविध आयामों में स्पर्श करना चाहता है। मल्लिका आषाढ़ का एक दिन नाटक में मोहन राकेश … Read more

युवाओं को परिवार का महत्व समझाएं और समझें

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस विशेष-१५ मई……….. जिस प्रकार हमारे यहाँ सात दिनों के साथ वार होते हैं और आठवां वार परिवार होता है,परिवार जिसमें प्रेम,आदर,दूसरों के विचारों का आदर,साथ बैठकर अपने सुख-दु:ख का आदान-प्रदान करना,वह परिवार होता हैl आज बहुत बड़े-बड़े घर बनने के कारण आपस में मिलना-जुलना कम होता जा रहा … Read more

प्रतिशतों का मकड़जाल

पवन प्रजापति ‘पथिक’ पाली(राजस्थान) ************************************************************************************** प्रतिशतों के मकड़ झाल में उलझे बच्चे अस्सी- नब्बे फीसदी अंक प्राप्त करके भी उस प्रसन्नता से वंचित है,जो हमें कभी ‘मात्र उत्तीर्ण’ हो जाने पर ही मिल जाती थी। ये वो दौर था जब हम अंकतालिका में सिर्फ उत्तीर्ण या अनुत्तीर्ण वाला कॉलम ही देखा करते थे। प्रतिशत वाले … Read more

चिन्ताजनक है पूंजी का बढ़ता असन्तुलन

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* भारत के अमीर और ज्यादा अमीर होते जा रहे हैं,गरीब और ज्यादा गरीब। इस बढ़ती असमानता से उपजी चिंताओं के बीच देश में अरब़पतियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। भारत के लिये विडम्बनापूर्ण है कि यहां गरीब दो वक्त की रोटी और बच्चों की दवाओं के लिए जूझ रहे … Read more

माँ तुझे सलाम..

डॉ.शशि सिंघल दिल्ली(भारत) ********************************************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… ‘माँ’ एक शब्द नहीं,बल्कि इसमें दुनिया- जहान का बसेरा है। इसे कुछ शब्दों में बयां करना नाइंसाफी होगी। सम्पूर्ण जगत को ईश्वर का अनमोल तोहफा है ‘माँ’,जिसकी ममता भरी छाँव में जन्नत जैसा सुकून मिलता है। माँ का नाम लेते ही दिलो-दिमाग पर छाए संकट के बादल … Read more

‘रफाल’ से सरकार को डर क्यों ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक ********************************************************************* रफाल-सौदे के बारे में सरकार ने अदालत के सामने जो तर्क पेश किए हैं,वे बिल्कुल लचर-पचर हैं। वे सरकार की स्थिति को कमजोर करते हैं। सरकार का कहना है कि अरुण शौरी, यशवंत सिंहा और प्रशांत भूषण ने जो याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लगाई है,वह रद्द की जानी चाहिए क्योंकि एक … Read more

बोफोर्स घोटाला-कांग्रेस की दु:खती रग छेड़ी

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी अभियान के दौरान स्व.राजीव गांधी व बोफोर्स घोटाले का जिक्र क्या किया कि,साठ के दशक में हिट हुए गीत ‘हाल-ए-दिल हमने सुनाया तो बुरा मान गए’ की तर्ज पर आज कांग्रेस पार्टी तिलमिलाती दिखाई दे रही है। मोदी ने उत्तर प्रदेश की एक चुनावी सभा … Read more