कोरोना पाजिटिव और रिया चालीसा का पाठ

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ********************************************************* किफायती लाल कोरोना जांच शिविर में गये थे कोरोना की जांच कराने। उनके विभागीय अधिकारियों ने कहा था कि विभाग के सभी कर्मचारियों को कोरोना जांच कराना जरूरी है। बगैर जांच कराए किसी को कार्यालय नहीं आने दिया जाएगा। शिविर में बहुत भीड़ थी,इसलिए वे एक फार्म भर कर दूसरे दिन … Read more

शिक्षक होना भी एक…

मधुसूदन गौतम ‘कलम घिसाई’कोटा(राजस्थान)************************************************************ शिक्षक दिवस विशेष……….. आज एक मित्र सीधे-सीधे मॉर्निंग वॉक से घर आ धमके। बोले,चलो गौतम जी के यहाँ चलते हैं चाय पीयेंगे बतियाएंगे,गौतम जी को तो अपनी याद आती नहीं,अपन ही मिल लेते हैं…..आदि बतरस पुराण की सूक्तियां बोलते रहे। मैं बस मुस्कुरा कर रह गया- जानता हूँ राष्ट्र निर्माता है,काफी … Read more

बाढ़ उत्सव

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ********************************************************* पल्टू बाबा सरकारी मुलाजिम ठहरे। पैदा होने से लेकर नौकरी तक पठार में की। बाढ़ क्या होती है,उसके बारे में उन्होंने सिर्फ अखबारों में पढ़ा था।पहली बार उन्हें सरकार ने निर्देश दिया कि वे बाढ़ग्रस्त इलाके में जाएं,और बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। जिस बाढ़ग्रस्त जिले में उन्हें जाने का निर्देश … Read more

७ दशक की स्वतंत्रता और चंदू भैया की शोध डायरी…

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) ****************************************************** स्वतंत्रता दिवस विशेष …….. हमारे चंदू भैया सामाजिक और साहित्यिक जीव हैं और उनका जन्म भी हमारी तरह स्वतंत्र भारत में हुआ,इसलिए उनने भी बचपन में पुस्तकों में पढ़ा और अध्यापकों से सुन रखा था कि भारत स्वतंत्र है। तभी से उनको ये आभास होने लगा था कि भारत में रहकर वो … Read more

दल-बदल का विषाणु

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ********************************************************************* ‘किफायती लाल’ मेरे शहर के नामी-गिरामी नेताओं में शुमार हैं। वे विधायक से लेकर सांसद तक के ओहदे तक पहुंच चुके हैं। सुबह की सैर के वक्त मुझे मिल गए। हालचाल पूछने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि इन दिनों राजनीति के क्षेत्र में दल-बदल विषाणु हावी है। मुझे लगता है … Read more

अख़बार रद्दी कर गया विकास

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) ****************************************************** सुबह का अखबार शाम को रद्दी हो जाता है,यह तय है पर इस बार अखबार सुबह-सुबह ही रद्दी हो गया। ये चंदू भैया के जीवन में किसी हादसे से कम नहीं है। पूरे ४ रुपए का अखबार चंदू भैया को लेना पड़ रहा है। वो भी मजबूरी में,क्योंकि बचपन से ही चंदू … Read more

भारत-चीन संबंध बनाम ‘रायचंद’

अशोक कुमार सेन ‘कुमार’पाली(राजस्थान)********************************************************************** व्हाट्सएप और फेसबुक यूनिवर्सिटी के धुंआधार विद्वान भारत-चीन संबंधों पर रणनीतिक विशेषज्ञ बन कर अपना ज्ञान बांट रहे हैं,तो मुझे भी लगा बहती गंगा में हाथ धो लेने में क्या हर्ज है ?जमीनी हकीकत भले ही मुझे नहीं पता तो क्या हुआ! विदेश सचिव जयशंकर प्रसाद को सलाह तो दे ही … Read more

‘चलायमान’ पर आया ‘विद्यालय…’

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ********************************************************************* उस दिन मुझसे बेटी ने कहा-“पापा घर में आप बनियान में इधर-उधर न घूमा करें, क्योंकि मोबाइल (चलायमान) पर अब विद्यालय घर पर आ गया है। कल मोबाइल पर मिस मुझे पढ़ा रही थी तब आप बनियान में मेरे पीछे घूम रहे थे। यह दृश्य देखकर मिस शरमा गयी थीं और … Read more

जंगल में चुनाव

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)******************************************************************* जंगल में है इस समय ख़ुशी भारी,क्योंकि चल रही है चुनाव की तैयारी। चुनाव को देखकर शेर ने किया है यह वादा,अब उसने किया है शाकाहारी होने का इरादा। शेर और बकरी एक ही घाट का पानी पीएंगे,साथ जिएंगे और साथ ही मरेंगे। बिल्ली का है यह वादा,उसने छोड़ दिया … Read more

अर्थव्यवस्था के नाज उठाने को मजदूर बुलाए जाते हैं…

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ********************************************************************* ‘तालाबंदी’ के दौर में अर्थव्यवस्था बीच में बाजार में गिर गयी थी। उसे उठाने का प्रयास तब पुलिस वालों ने किया,लेकिन वे उसे उठा नहीं पाए। पुलिस वाले तो उस पर सिर्फ लाठियां चला रहे थे और कह रहे थे कि मुआ अर्थव्यवस्था को भी इसी तालाबंदी के वक्त में गिरना … Read more