चितवन
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* चंचल चर चपला चषक,चण्डी चूषक चाप्! चितवन चीता चोर चित,चाह चुभन चुपचाप! चाह चुभन चुपचाप,चाल चल चल चतुराई! चमन चहकते चंद,चतुर्दिश चष चमचाई! चाबुक चण्ड चरित्र,चतुर चतुरानन चंगुल! चारु चमकमय चित्र,चुनें चॅम चंदन चंचल! (इक दृष्टि यहाँ भी:चॅम=मित्र,चष=दृश्य शक्ति या नेत्र रोग) परिचय : बाबूलाल शर्मा का साहित्यिक उपनाम-बौहरा हैl आपकी जन्मतिथि-१ … Read more