दीप पर्व
बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* माटी का दीपक लिया,नई रुई की बाति। तेल डाल दीपक जला,आज अमावस राति। आज अमावस राति,हार तम से क्यों माने। अपनी दीपक शक्ति,आज प्राकृत भी जाने। कहे लाल कविराय,राति तम की बहु काटी। दीवाली पर आज,जला इक दीपक माटी। दीवाली शुभ पर्व पर,करना मनुज प्रयास। अँधियारे को भेद कर,फैलाना उजियास। फैलाना … Read more