कौन सुनेगा पुकार ?
हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ पृथ्वी जल रही है,कौन सुनेगा ‘करुण’ पुकार ?गाँव-जंगल ‘गुम’ हो गए शहरों में,कोई सुनता ही नहीं…?कहीं आँधी, कहीं तूफान,गिर रही बर्फ बैमोसमबिगड़ता ही जा रहा दुनिया का पर्यावरण,पृथ्वी जल रही है…। इंसान सही में ‘बोझ’ बन चुका है,अपने लालच के लिए धरती को बांट दियाप्रदूषण, पर्यावरण सबके-सब दूषित हो गए,और … Read more