श्रेष्ठ मानव कहलाएगा

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** मानव को मानव से उपकार करेगा, वहीं इंसानों का भगवान कहलाएगा। न्योछावर कर दूसरों के लिए जिएगा, अनूठा प्रेम का संग्रह कर पाएगा॥ हृदय जितना विशाल होगा, वीरता की उतना मिसाल बनेगा। उपकार कर्म से जीवन सजेगा, खुशियों का चमन और महकेगा॥ शोषित पीड़ित वंचित को, मौलिक अधिकार दिलाएगा। … Read more

एक कविता यह भी…

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** सुरों में शब्द भर दो, भाव का मकरंद भर दो एक दिव्यानंद भर दो। शब्द जिसमें तथ्य हों, समूचे अनुभवों का शब्द हो मेरे उन कहकहों का, जो दर्द की अनुभूतियों में थे लगाए, पर आँखों से जो अश्क बनकर बह न पाए। अरे पगली शब्द लेकर क्या करोगी, खुद … Read more

तुम ही सारथी हो

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* अनजानी-सी रात है,पलभर की मुलाकात है, छोटी-सी दुनिया में,बड़ी-बड़ी बात है। आँखों में सपने हैं,पास नहीं अपने हैं, चलना है देखो अपनी राह पर,तेरा कर्म तेरे साथ है। बाकी सब स्वार्थ है,नश्वर है दुनिया, जीना-मरना इक बार है,मोह-माया सब निराधार है। नईया तेरी जिस ओर है,देख विपरीत पवन का शोर … Read more

कर्म ही धर्म

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** वाह रे इंसान कहता रहता है- मेरा है मेरा है, सोच कर तो देख क्या तेरा हैl मिला जो तन, क्या तेरा कमाया हुआ है धनl माँ-बाप का है तू अंश, जो कुछ भी है जीवन में वो है तेरा कर्म माँ-बाप,भाई-बहन, पत्नी,बच्चे न दोस्त-यार साथ निभायेंगे। तेरा कर्म ही … Read more

तू है बड़ी कमाल..

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’ बूंदी (राजस्थान) ****************************************************************** गुलाबी तेरे होंठों की फड़कन, बढ़ाए मेरे दिल की ये धड़कन। कि आँखें काली कजरारी, ये मारे नैना कटारी। शर्म से लाल हो रहे गाल, गोरी तू है बड़ी कमाल। कि तेरी खुली-खुली अल्कें, ये तेरी झुकी-झुकी पलकें। कि नैना चित्त से है चंचल, मेरे दिल में … Read more

दहेज़ का अजगर

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** दहेज़ रूपी अजगर डस रहा है समाज को, विषधर का विष पीना पड़ रहा है बेटियों के बाप को। इस दानव ने न जाने कितनी बेटियों को जला दिया, बेटी का बाप बेटों के बाप से करता गुहार है। जान से लगा के पाला जिन बेटियों को, वही अब दहेज़ रूपी … Read more

जाओ बच्चों तुम स्कूल

सूरज कुमार साहू ‘नील` भोपाल (मध्यप्रदेश) ***************************************************************** बच्चों तुमको अब रूकना नहीं,जाना है स्कूल, बहुत घूम लिए गर्मी में और बहुत खेल लिए धूल। बोलो अब अपनी मम्मी से,करे वह तुम्हें तैयार, जब छोड़ें स्कूल पापा तुम्हें,तभी समझना प्यार। रोना नहीं स्कूल जाने को,पढ़ने पे दो ध्यान, मिलती हो जहाँ देशभक्ति और सेवा-भाव का ग्यान। … Read more

सम्हाल खुद को मोहब्बत में

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** यह दुनिया बनी है जो दुश्मन मेरी, तुम्हीं वह वजह हो,तभी तो हुई है… मेरी मुस्कराहट पर नाराज क्यों हो, मेरी आँखों में भी देखो,भरी हुई है। तोड़ लाऊंगा मैं भी चाँद और सितारे, यह मोहब्बत तो अभी शुरू ही हुई है… सावन-सी भी बरसेगी मोहब्बत मेरी, अभी तो यह … Read more

क्या हुआ है मुझे !

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज क्या हो गया है ? समझ नहीं पा रही हूँ, कुछ लिखना चाहती हूँ लिख नहीं पा रही हूँ। शब्द हैं कि बंधते नहीं, बिखर-बिखर जा रहे हैं… पास नहीं है कोई, फिर भी एकान्त नहीं है। गम नहीं है कोई, पर खुश भी नही हूँ… समझाए मुझे कोई, क्या … Read more

आदमी

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** आदमी,आदमी से पलता है, आदमी,आदमी से चलता है। एक नयी चीज और है देखी, आदमी,आदमी निगलता है। सामने तो सौ-सौ बात करते हैं, राह में भी सलाम करते हैं। पीठ फिरते ही लो छुरा घोंपा, आदमी,आदमी से जलता है। आदमी दर्द भी,दवा भी है, आदमी खुदगर्ज भी खुदा भी है। … Read more