हमारे गाँव
वाणी बरठाकुर ‘विभा’ तेजपुर(असम) ************************************************************* बार-बार लौट जाते हैं, हमारे गाँव की उन धूल-कीचड़ भरी राहों पर, गाय बछड़े बैलों के झुंड से धुँधले धूल भरी राहों पर, चलते युवाओं के कदम… दोनों किनारों पर, लहराते धान के खेत खेतों में चिड़ियों की किलकारी में मदहोश मन… बरामदे में बच्चों के जोर-शोर से पढ़ते हुए … Read more