हार न मानी
तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान) ************************************************* मीरा दर्द न जाने कोये, जाने वही जो मीरा होये। बचपन प्रीत श्याम संग लागी, स्वप्न आँख श्याम संग सोई, भोर भई गिरधर संग जागी, राज की रानी प्रेम पुजारिन, पति रूप गिरधर को मानी, विरह वेदना बहुत सही है मगर मुख से न एक कही हैl राणा ने एक … Read more