मेरा सपना
सुश्री नमिता दुबे इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************** वंश चलाने की लालसा ने, मुझको ही दासता में जकड़ा। चूल्हे-चौके में उलझी मैं, सदा किया नर को बलवान। मैं भी जीना चाहती थी, भाई संग स्कूल भी जाना चाहती थी। बहुत सहा है अब ना सहूंगी, तोड़ दूंगी बेड़ियाँ बेटियों की। दिलाऊँगी उनको अपनी पहचान, मिला नहीं जिसे कभी … Read more