राह दिखाता है

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मुझे राह दिखलाने वाले मेरे मन। कभी राह खुद तुम, यूँ ही न भटकना। मुझे राह… मोहब्बत में जीते, मोहब्बत से रहते। मोहब्बत हम सब, जन से हैं करते। स्नेह-प्यार की दुनिया, हम हैं बसाते। मुझे राह… न भेद हम करते, जाति और धर्म में। न भेद करते, ऊंच और नीच … Read more

मित्र जौहरी

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** मित्र! शब्द को जब भी सुनता हूँ मैं, अक्सर कई मुस्कराती तस्वीरें सरसरी से मानस पटल पर एक-एक कर उभर जाती हैं, किसे अपना करीब कहूँ या सिर्फ नाम का न जाने कितने ही सवाल पैदा कर जाती हैं। बचपन से लेकर आज तक, कदम से कदम मिलें कईं और छूटे … Read more

कौड़ियों में भुनाए बैठे

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** यूँ ही तो नही नजरें झुकाए हुए बैठे हैं, यूँ ही तो नहीं शरमाये डरे हुए बैठे हैं। गुजरी आप पे या गुजार दी किसी पे, यूँ ही तो नहीं घबराये हुए से बैठे हैं। कुछ मिलने से ज्यादा है खोने का डर, खाली तिजोरी पे ताला लगाये बैठे हैं। … Read more

कश्मीर अब विशेष नहीं

कनक दांगी ‘बृजलता’ गंजबासौदा(मध्य प्रदेश)  ********************************************************* अब नहीं रहा कश्मीर विशेष, अनुच्छेद ३७० व ३५-ए नहीं अब शेष। पिछली सरकारों ने जिसे गले की हड्डी की तरह लटकाये रखा, मोदी सरकार ने उसे मामूली फाँस की भांति उखाड़ दिया। यह एक सुखद समाचार है, कश्मीर आज से अखंड भारत का राज्य है। आज की तारीख … Read more

सुनूंगा जरूर

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** तुम मुझे आवाज दोगे तो, मैं अनसुनी नहीं करुंगा सुनूंगा जरूर। तुम आओगे मेरे घर, तो मैं नहीं कहलवाऊँगा बच्चे से कि घर पर नहीं हूँ मैं, बल्कि मिलूंगा तुमसे जरूर। तुम लगाओगे मोबाइल मुझे, तो बंद नहीं करुंगा मोबाइल बात करुंगा जरुर। यह भी नहीं होने दूंगा कि’ मैं … Read more

ऐ वतन…

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** ऐ वतन अब हर साँस पर लिख दिया तेरा नाम है, तेरी हिफाजत और रक्षा करना हमारा सर्वप्रथम काम है। घोर अंधकार छाया था ब्रिटिश ने भी हुकुम चलाया था, जो दृढ़ खड़ी हुई युद्ध में और न हार उसने मानी वह वीरांगना कहलाई ‘झाँसी की रानी।` निशीथ का खौफ मिटाकर … Read more

सर्वव्यापक हूँ,चाहे जो करा लो

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* छोड़ विद्यालय हर जगह नज़र मैं आता हूँ, अध्यापक हूँ,सर्वव्यापक हूँ जनगणना से मतगणना तक, भवन से ले के पशुगणना तक चाहे जो काम करा लो। गली-गली भटक रहा हूँ, बच्चे,बूढ़े,पशु गिन रहा हूँ; क्या पढ़ा था भूल गया हूँ, धर्म क्या!कर्म भी भूल गया हूँ। इस ऑफिस … Read more

कर लो धरा पर हरियाली

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सावन आया खेतों में हरियाली लाया, सुंदर ये नजारे खुशियों की बहारें। पेड़ों का सौंदर्य सूर्य की लाली, कर लो नेक कार्य धरा पर कर लो हरियाली। बारिश की बूंदें पानी की धार, हरियाली की मौसम जिंदगी है मजेदार। किसानों का चेहरा खिला राहगीर है परेशान, लोगों की सोच-अलग … Read more

चले आओ

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** चले आओ के बाधाएँ ३७० की हट गई, वादी-ए-गुल की फिजां महक में अपनेपन की, खुशबुएं घुल गईं। चले आओ के बहनों को देने तोहफा रक्षा-बंधन का, विस्थापितों के भी उजड़े आशियां सजा फिर, उनको वहाँ बसाने को। चले आओ के अब आशा का, संचार नस-नस में बहने लगा है, … Read more

हम सर पे कफन बांध कर चले

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** हम सर पै कफन बांध कर चले, आज देश है पुकारता। दुश्मनों को है ललकारता। साथियों चलो संवर के आज, माटी की सौगंध ले चले॥ इस देश से आतंक मिटाना, दुश्मनों को मार भगाना। जी-जान से इस देश की रक्षा, करने को प्राण हाथ ले चले॥ देश का झंडा चूमे … Read more